भोपाल : एक नाबालक प्रतिबंधित कोल्डरिफ कैफ सिरप पीने के बाद बीमार पड़ गया था। उसे AIIMS नागपुर में भर्ती कराया गया। लगभग चार महीने तक अस्पताल में कोमा में रहने के बाद रविवार रात को चार साल के इस नाबालक की मौत हो गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मृतक का नाम हर्ष यादव था। उनका घर मध्यप्रदेश के बेतुल जिले के टिक्काबाड़ी इलाके में है। हर्ष को कोल्डरिफ सिरप पीने के बाद बीमारी हुई थी। उन्हें सितंबर महीने से इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में रखा गया था।
बेतुल के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी मनोज हुरमेड ने बताया कि हर्ष की मृत्यु रविवार देर रात में हुई। सोमवार को मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया। परिवार के अनुसार छिंदवाड़ा के चिकित्सक एस.एस. ठाकुर हर्ष का इलाज कर रहे थे। उन्होंने ही हर्ष को कोल्डरिफ सिरप दिया था। इसके बाद हर्ष को AIIMS में भर्ती कराया गया। लगभग चार महीने कोमा में रहने के बाद रविवार को हर्ष की मौत हो गई।
पिछले साल अक्टूबर में छिंदवाड़ा में कई बच्चे बीमार पड़ गए थे। उनमें उल्टी, पेशाब में समस्या, बुखार समेत कई लक्षण दिखाई दिए। स्वास्थ्य परीक्षण में पता चला कि सभी बच्चों ने कोल्डरिफ नामक खांसी का सिरप पीने के बाद यह समस्याएं झेली थी। कम से कम 24 बच्चों की मौत हो गई।
चेन्नई की कंपनी श्रीसान फार्मा द्वारा निर्मित इस सिरप की जांच शुरू की गई। इसमें पाया गया कि सिरप में 48.8 प्रतिशत डाय-एथिलिन ग्लाइकोल था। यह रसायन शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। बच्चों की मौत के बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस घटना की जांच शुरू की। चिकित्सकों के अनुसार यदि यह रसायन शरीर में अधिक मात्रा में पहुंच जाए, तो किडनी सहित कई शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है। अंततः अक्टूबर के अंत में इस कैफ सिरप के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया।