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बंद कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से दादा और तीन बच्चों की नींद में ही मौत

मृतकों में दो जुड़वां बहनें, उनका बड़ा भाई और उनके दादा शामिल हैं।

अमरावती : आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के जहर के कारण नींद में ही उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतकों में दो जुड़वां बहनें, उनका बड़ा भाई और उनके दादा शामिल हैं। रविवार को हुई इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है।

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान रामचंद्रैया (70), कार्तिक (15), चंदना (8) और चरिता (8) के रूप में हुई है। रविवार को रामचंद्रैया के बेटे मुरली अपनी बाइक ठीक करवाकर घर लाए थे। मैकेनिक ने उन्हें सलाह दी थी कि बाइक का इंजन पूरी रात चालू रखें। उसी के अनुसार मुरली ने घर के एक कमरे में बाइक रखकर उसका इंजन चालू कर दिया। उसी कमरे में मुरली के पिता और उनके तीन बच्चे सो रहे थे। इसके बाद मुरली और उनकी पत्नी घर की छत पर सोने चले गए।

मुरली ने सोने से पहले मच्छरों के कारण कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी थीं। यहीं से हादसा हो गया। दरवाजे और खिड़कियां बंद होने के कारण बाइक के धुएं से पूरा कमरा घातक कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से भर गया। इसके कारण चारों लोगों को नींद में ही सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिससे उनकी मौत हो गई, ऐसा पुलिस का मानना है।

सोमवार सुबह चारों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही इस घटना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

सर्दियों में या बंद कमरे में हीटर या इस तरह के इंजन चलाकर रखने के खतरे को लेकर प्रशासन बार-बार चेतावनी देते है। विशेषज्ञों के अनुसार बंद कमरे में दहन प्रक्रिया से यह गैस बनती है और इसमें कोई गंध नहीं होती, इसलिए लोग सोते समय इसका पता नहीं लगा पाते। इसी कारण अनजाने में ऐसे हादसे हो जाते हैं।

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