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अंकिता हत्याकांड: VIP के नाम से जुड़े रहस्य की खोज के लिए CBI जांच की अपील

अंकिता और उनके मित्र पुष्पदीप की फोन चैट में ‘VIP’ शब्द का उल्लेख मिलने से आरोप और भी मजबूत हो गए।

By Author by:सौमी दत्त, posted by: राखी मल्लिक

Jan 06, 2026 19:00 IST

देहरादूनः उत्तराखंड के पौड़ी जिले में होटल रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में पुलिस ने कहा कि इसमें किसी VIP का कोई जुड़ाव नहीं है। इसी दावे के सामने आने के बाद इस केस में CBI जांच की मांग और जोर पकड़ रही है।

अंकिता 19 साल की थीं। पौड़ी जिले के वनांतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर काम करती थीं। उन्हें 18 सितंबर 2022 को मार दिया गया था। आरोप लगाया गया कि रिसॉर्ट में आए किसी VIP को विशेष सेवा देने से मना करने के कारण उनकी हत्या की गई। अंकिता और उनके मित्र पुष्पदीप के फोन चैट में VIP का उल्लेख होने से यह आरोप और मजबूत हो गया।

अंकिता हत्या मामले में कोटद्वार की दायरा अदालत ने वनांतरा रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उनके दो कर्मचारियों को जबरन जीवनभर की सजा सुनाई। उनका नाम अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर था। यह सुनवाई मई 2025 में हुई।

हाल ही में यह केस फिर से सुर्खियों में आया है इसकी वजह अभिनेत्री ऊर्मिला सनावर का एक वीडियो और ऑडियो है। उत्तराखंड के पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर की पत्नी ऊर्मिला ने अपने पति के साथ बातचीत का एक ऑडियो पोस्ट किया। उनका दावा है कि अंकिता हत्या में जिस VIP का जिक्र हुआ, वह असल में बीजेपी नेता गट्टू हैं। राठौर ने बाद में कहा कि उन्हें ऑडियो लीक की जानकारी नहीं थी और AI तकनीक से उनकी आवाज़ नकल की गई। लेकिन विवाद थमा नहीं।

अंकिता हत्या की जांच के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने जो विशेष जांच टीम (SIT) बनाई थी। उसमें पौड़ी के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और वर्तमान हरिद्वार पुलिस अधीक्षक शेखर सुवाल भी शामिल थे। उन्होंने कुछ दिन पहले कहा कि अंकिता और पुष्पदीप की फोन चैट में जिन VIP का उल्लेख था, वह वास्तव में नोएडा निवासी धर्मेंद्र कुमार उर्फ प्रधान हैं। हत्या से कुछ दिन पहले16 सितंबर को वह पौड़ी के रिसॉर्ट में आए थे लेकिन बहुत कम समय के लिए।

सुवाल ने बताया कि चैट में VIP का जिक्र देखकर पुलिस ने पुष्पदीप से तीन चार बार पूछताछ की और बाद में मजिस्ट्रेट के सामने उनका बयान भी दर्ज किया। पुष्पदीप ने बताया कि 16 सितंबर को वह रिसॉर्ट गए थे और वहीं उन्होंने देखा कि एक VIP वर्ग का व्यक्ति आया है, जिसके चारों ओर 3–4 लोग खड़े हैं। पुष्पदीप ने उस व्यक्ति का विवरण भी दिया। सुवाल के अनुसार जांच में पता चला कि धर्मेंद्र कुमार रिसॉर्ट में भूमि खरीदने के सिलसिले में आए थे और वहां दोपहर के भोजन के लिए 2.5–3 घंटे रहे। पुष्पदीप के विवरण से केवल इसी व्यक्ति का मेल खाता है, लेकिन हत्या के साथ धर्मेंद्र का कोई संबंध नहीं मिला।

सुवाल ने साफ कहा कि इस हत्या में किसी VIP का कोई जुड़ाव नहीं है। 18 से 22 तारीख के बीच रिसॉर्ट आए सभी लोगों का विवरण चेक करने के बाद भी कोई VIP मौजूद नहीं पाया गया। उनका स्पष्ट बयान है कि “इस केस में किसी VIP का कोई संबंध नहीं है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी कहा कि इस मामले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने की कोशिश नहीं की गई। SIT की जांच सही दिशा में आगे बढ़ी।

पुलिस अधिकारी के इस बयान के बाद फिर से विरोध शुरू हो गया। रविवार को देहरादून के पैराड ग्राउंड में कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, महिला मंच, वाम दल और कई स्वयंसेवी संगठनों के लोग इकट्ठा हुए। उनका कहना था कि इस केस में शामिल VIP का नाम सार्वजनिक करने के लिए CBI जांच हो। विरोध प्रदर्शन में ‘Give Justice to Ankita’ के नारे लगाए गए।

सीपीआईएम के इंद्रेश मैखुरी ने कहा जांच के दौरान कहा गया कि किसी VIP को विशेष सेवा देने से इंकार करने के कारण अंकिता की हत्या हुई। अब पुलिस अधिकारी इसका खंडन कर रहे हैं यानी हत्या के मोटिव को ही नकार रहे हैं। तो अंकिता की हत्या क्यों हुई? क्या पुलिस गिरफ्तार लोगों को भी बचाने की कोशिश कर रही है? केवल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच होने पर ही सच्चाई सामने आएगी।

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