बेंगलुरु (कर्नाटक): कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय की मौत के मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रॉय की मौत से पहले और उससे जुड़ी परिस्थितियों की गहन जांच की जाएगी और इसके लिए गृह विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं।
गृह मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2025 में सीजे रॉय की कंपनी पर आयकर विभाग ने छापा मारा था। इस कार्रवाई के बाद कंपनी को चार्जशीट दाखिल करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था, जिसकी अंतिम तारीख 4 फरवरी थी। परमेश्वर के अनुसार रॉय तीन दिन पहले दुबई से लौटे थे।
उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के अधिकारी रॉय के कार्यालय पहुंचे थे, जहां उनका बयान दर्ज किया गया। रॉय ने जांच अधिकारियों का पूरा सहयोग किया। बयान दर्ज होने के बाद रॉय अपने कार्यालय के अंदर गए और कहा कि वे कुछ ही मिनटों में बाहर आ जाएंगे, लेकिन करीब 20 मिनट तक बाहर न आने पर यह सामने आया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 3 से 3:15 बजे के बीच हुई। प्रारंभिक जांच में मौत गोली लगने से होने की बात सामने आई है। घटनास्थल की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और सीन ऑफ क्राइम ऑफिसर की टीमें तैनात की गई हैं।
सीजे रॉय के भाई सीजे बाबू ने बताया कि आयकर से जुड़ा मामला ही रॉय की एकमात्र ज्ञात चिंता थी। रॉय को न तो किसी तरह की धमकी मिली थी और न ही कोई कर्ज था। परिवार फिलहाल अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है और कार्यालय के कर्मचारियों से जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि पिछले दो दिनों में रॉय के परिसरों पर आयकर विभाग द्वारा छापेमारी की गई थी। सीजे रॉय का अंतिम संस्कार रविवार को बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा स्थित कॉन्फिडेंट कैस्केड मेगा रिसॉर्ट एंड कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा।