नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली विधायक संजीव झा ने मंगलवार को नीतीश कुमार को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने पटना में मैथिली अकादमी को पुनः सक्रिय करने की मांग की।
उन्होंने अपने पत्र में जिक्र किया कि मैथिली अकादमी, बिहार सरकार द्वारा 1976 में स्थापित की गई थी। मकसद ये कि मैथिली भाषा, साहित्य और संस्कृति का संरक्षण और प्रचार किया जा सके। मैथिली भाषा का बौद्धिक और सांस्कृतिक परंपरा अत्यंत समृद्ध है। आदिकाल के कवि महाकवि विद्यापति ने भी मैथिली में रचनाएं कीं। इसी प्रकार प्रथम गद्य-काव्य के स्रष्टा ज्योतिरिश्वर ठाकुर भी मिथिला निवासी थे।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आगे बताया कि मिथिला दर्शनशास्त्र और बौद्धिक साहित्य के महान विद्वानों जैसे गौतम, कानाद, कपिल, उदयान, गंगेश आदि का जन्मस्थान रही है। अकादमी का उद्देश्य भाषा के संरक्षण और प्रचार को बढ़ावा देना था और इसका बंद होना अत्यंत खेदजनक है।
संजिव झा ने यह भी कहा कि भले ही वह दिल्ली के विधायक हैं, लेकिन बिहार और मिथिला की भाषा और संस्कृति के प्रति उनका सांस्कृतिक और भावनात्मक लगाव है। इससे भारत और विदेशों में रहने वाले मैथिलीभाषी समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है। इसलिए उन्होंने बिहार सरकार से आग्रह किया कि मैथिली अकादमी को पुनः चालू किया जाए और उसका सुचारू रुप संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में एक संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि मिथिला न केवल भाषा, साहित्य और संस्कृति की भूमि रही है। यहां के विद्वान और बौद्धिक परंपरा भी अत्यंत प्रतिष्ठित रही है। स्थानीय रीति-रिवाजों की परिपक्वता और नृत्य, संगीत तथा कला की समृद्ध परंपरा प्रसिद्ध है।
इससे पहले रविवार को पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर मैथिली भाषा प्रेमियों, साहित्यकारों और चेतना समिति जैसी संगठनों ने मैथिली अकादमी के तुरंत पुनर्जीवन की मांग को लेकर महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया था।