पटना: बिहार के बेगूसराय जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई गोलीबारी में राज्य के शीर्ष माओवादी नेताओं में से एक दयानंद मलाकार उर्फ छोटू की मौत हो गई। यह कार्रवाई स्पेशल टास्क फोर्स और पुलिस की संयुक्त अभियान के दौरान हुई। दयानंद मलाकार, सीपीआई (माओवादी) के उत्तर बिहार केंद्रीय ज़ोनल कमिटी के सचिव थे। उनके सिर पर इनाम 50,000 रुपये रखा गया था।
पुलिस के अनुसार, दयानंद के खिलाफ 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या और हथियार अधिनियम के तहत मामले शामिल हैं। स्पेशल टास्क फोर्स के अनुसार, दयानंद बेगूसराय के तेघड़ा क्षेत्र में छिपे हुए थे, उनके साथ दो अन्य लोग भी थे। गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने उस इलाके में छापा मारा।
पुलिस ने बताया कि दयानंद और उनके साथियों ने पुलिस को देखकर पहले गोलीबारी शुरू की, इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इसी गोलीबारी में दयानंद घायल हो गए। उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके दो साथी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 20 राउंड गोलियां चलीं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दयानंद मलाकार को दमन, कुलबीर और आकाश नामों से भी जाना जाता था। नौनपुर गांव के रहने वाले दयानंद को 2020 में गिरफ्तार किया गया था, उसके बाद जमानत पर रिहा हुए। फिर वह माओवादी गतिविधियों में शामिल हो गए।