नयी दिल्लीः राजधानी में आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक विशेष पहल की है। 2026–27 के वित्तीय वर्ष के बजट में डॉग शेल्टर के निर्माण के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की संभावना है। यह राशि मुख्य रूप से प्रस्तावित तीन डॉग शेल्टरों के बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च की जाएगी। आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली नगर निगम ने यह योजना बनाई है।
दिल्ली नगर निगम के सूत्रों के अनुसार राजधानी में बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों को ध्यान में रखते हुए बजट में डॉग शेल्टर के लिए यह आवंटन किया गया है। फिलहाल द्वारका सेक्टर 29 में एक बड़े डॉग शेल्टर का निर्माण कार्य चल रहा है। लगभग ढाई एकड़ जमीन पर बन रहे इस शेल्टर में शुरुआती तौर पर 1500 आक्रामक कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही बिजवासन और बेला रोड पर दो और छोटे शेल्टर बनाने का प्रस्ताव भी दिल्ली नगर निगम के पास रखा गया है।
इन नए शेल्टरों के बनने से कुत्तों की जन्मदर नियंत्रण केंद्रों की क्षमता में भी काफी वृद्धि होगी। इससे पहले पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली के नगर आयुक्त अश्विनी कुमार ने बताया था कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच शहर में 54 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी की गई है। नए बजट में इस कार्य को और अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
हालांकि योजना केवल डॉग शेल्टर तक सीमित नहीं है। आवारा कुत्तों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भी दिल्ली नगर निगम ने कई कदम उठाने की योजना बनाई है। सूत्रों के अनुसार 2026–27 के बजट में सड़कों पर रहने वाले कुत्तों के शरीर में माइक्रोचिप लगाने और उनके टीकाकरण के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये अलग से आवंटित करने की तैयारी है। प्रशासन को उम्मीद है कि इन दोहरी पहलों से राजधानी की सड़कें आम लोगों के लिए और अधिक सुरक्षित होंगी।