नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय महिला फुटबॉल टीम को सैफ (दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ) महिला चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम की यह उपलब्धि आने वाले समय में अधिक से अधिक युवाओं को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित करेगी।
भारत ने सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सैफ महिला चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। शनिवार को गोवा के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने गत चैंपियन बांग्लादेश को 3-1 से पराजित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा- “सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 जीतने पर भारतीय महिला फुटबॉल टीम को हार्दिक बधाई। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। यह सफलता भविष्य में और अधिक युवाओं को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित करेगी। टीम को आगामी प्रयासों और प्रतियोगिताओं के लिए मेरी शुभकामनाएं।”
फाइनल मुकाबले में भारत की ओर से प्यारी जाक्सा ने 42वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद सनफिदा नोंगरुम ने 46वें मिनट में टीम की बढ़त को मजबूत किया। मैच के 82वें मिनट में लिंडा कॉम सेर्तो ने तीसरा गोल दागकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।
बांग्लादेश की ओर से एकमात्र गोल रितु पोर्ना चकमा ने पहले हाफ के अतिरिक्त समय (45+1 मिनट) में किया।
प्यारी जाक्सा के गोल की बदौलत भारत ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई थी, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में रितु पोर्ना चकमा ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। दूसरे हाफ की शुरुआत के महज 40 सेकंड बाद ही सनफिदा नोंगरुम ने गोल कर भारत को फिर से बढ़त दिला दी। इसके बाद स्थानापन्न खिलाड़ी लिंडा कॉम सेर्तो ने 82वें मिनट में गोल कर जीत पर मुहर लगा दी।
इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड छठी बार सैफ महिला चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
फाइनल की अंतिम सीटी बजते ही भारतीय खेमे में इस उपलब्धि की खुशी साफ दिखाई दी। पूरे टूर्नामेंट में निर्णायक भूमिका निभाने वाली सनफिदा नोंगरुम, जिन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में गोल किए, जीत के बाद मैदान पर घुटनों के बल बैठ गईं। इसके बाद उन्होंने अपनी साथी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस को गले लगाया।
डांगमेई ग्रेस ने इस मुकाबले के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। मैदान पर खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ जश्न में डूबे हुए थे, क्योंकि भारत ने 2019 के बाद पहली बार दक्षिण एशियाई महिला फुटबॉल में फिर से अपना वर्चस्व स्थापित किया था।
भारतीय महिला फुटबॉल की दिग्गज खिलाड़ियों में शामिल डांगमेई ग्रेस ने 2013 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उन्होंने अपने करियर में 95 बार भारत का प्रतिनिधित्व किया। सैफ महिला चैंपियनशिप का यह उनका तीसरा खिताब रहा और इसी जीत के साथ उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन किया।
मेजबान भारत का पूरे टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 18 गोल किए, जबकि पूरे टूर्नामेंट में केवल एक गोल ही खाया। इसके साथ ही भारत ने बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने की उम्मीदों को भी समाप्त कर दिया।
फाइनल मुकाबला दक्षिण एशिया की दो सबसे मजबूत महिला फुटबॉल टीमों के बीच हुआ। बांग्लादेश बतौर गत विजेता मैदान में उतरा था, जबकि भारत पिछले दो संस्करणों से हाथ से फिसल रहे खिताब को वापस हासिल करने के इरादे से खेल रहा था। अंततः भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।