विशाखापत्तनम: चौथे T20 मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह से लड़खड़ा गई और शिवम दुबे की अकेली वीरता भी टीम को हार से नहीं बचा सकी। न्यूजीलैंड ने निर्धारित 216 रन का पीछा करते हुए भारत को 165 रन पर ऑल आउट कर 50 रन से बड़ी जीत हासिल की।
मैच की शुरुआत से ही भारत के बल्लेबाज दबाव में दिखे। अभिषेक शर्मा पहली ही बॉल पर गोल्डन डक पर आउट हो गए। इसके तुरंत बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव 8 गेंदों में केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। टीम इंडिया दो विकेट खोकर 9 रन पर मुश्किल में थी।
उस मुश्किल हालात में शिवम दुबे ही अकेले टिके रहे। उन्होंने 23 गेंदों में 65 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 7 छक्के शामिल थे। दुबे ने टीम के लिए हर संभव प्रयास किया और अपने छोर पर टिके रहने की पूरी कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर पर पर्याप्त सपोर्ट न मिलने के कारण भारत का स्कोर तेजी से बिखर गया। दुबे के आउट होने के बाद बाकी विकेट मात्र 20 रन के अंदर गिर गए और भारत 18.4 ओवर में 165 रन पर ऑल आउट हो गया।
न्यूजीलैंड की बैटिंग की शुरुआत से ही भारतीय बॉलिंग पर दबाव था। डेवॉन कॉनवे ने 23 गेंदों में 44 रन बनाए, जिसमें 3 छक्के और 4 चौके शामिल थे। टिम सिफर्ट ने 36 गेंदों में 62 रन की तूफानी हाफ सेंचुरी खेली, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल थे। दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 50 गेंदों में 100 रन जोड़कर कीवी टीम को मजबूत शुरुआत दी।
इसके बाद चौथे नंबर पर आए ग्लेन फिलिप्स ने 16 गेंदों में 24 रन और छठे नंबर पर आए डेरिल मिशेल ने 18 गेंदों में 39 रन की असरदार पारी खेली। इन खेलों से कीवी टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 215 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।
भारतीय गेंदबाज़ों में अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट लिए, जबकि जसप्रीत बुमराह और रवि बिश्नोई ने 1-1 सफलता हासिल की। कीवी टीम की तरफ से मिचेल सेंटनर ने तीन विकेट लिए, जैकब डफी और ईश सोढ़ी ने 2-2 विकेट चटकाए।
216 रन का पीछा करने उतरी भारत की बल्लेबाजी शुरू से ही लड़खड़ाई। संजू सैमसन ने 15 गेंदों में 24 रन बनाए, वहीं रिंकू सिंह ने 30 गेंदों में 39 रन की कोशिश की। हार्दिक पांड्या केवल 5 गेंदों में 2 रन बनाकर आउट हुए। इसके बावजूद शिवम दुबे की पारी टीम को जीत की दहलीज तक नहीं ले जा सकी।
इस हार के साथ भारत की चौथी T20 मैच में लय टूट गई और कीवी टीम ने सीरीज में शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की। टॉप ऑर्डर के धड़ाम और दूसरे छोर से सपोर्ट न मिलने की वजह से भारत की टीम बड़ा स्कोर बनाने में सफल नहीं हो सकी।