नयी दिल्लीः टी-20 विश्व कप के सुपर-8 चरण की शुरुआत हार से करने के बाद भारतीय टीम पहले ही दबाव में है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए आगामी मुकाबले जीतना बेहद जरूरी है। ऐसे अहम मोड़ पर टीम इंडिया को एक और झटका लगा है। मध्यमक्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह पारिवारिक कारणों से टीम छोड़कर घर लौट गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह सीधे चेन्नई से अपने घर के लिए रवाना हुए। उनके पिता कैंसर से पीड़ित हैं। पिछले वर्ष ही उनकी बीमारी का पता चला था। हाल के दिनों में उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। इसी कारण रिंकू ने बिना देर किए टीम से अलग होने का फैसला किया ताकि वह अपने पिता के साथ रह सकें। 24 तारीख को शाम साढ़े पांच बजे चेन्नई में टीम का अभ्यास सत्र था, लेकिन उसमें रिंकू नजर नहीं आए। हालांकि, बीसीसीआई की ओर से उनके घर लौटने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि वह टीम से दोबारा कब जुड़ेंगे।
रिंकू सिंह टीम इंडिया के नियमित सदस्य हैं और विश्व कप के हर मैच में खेल रहे थे। हालांकि, इस टूर्नामेंट में उनके बल्ले से अब तक बड़ी पारी नहीं निकली है। इसके बावजूद वह टीम के लिए एक महत्वपूर्ण ‘फिनिशर’ माने जाते हैं।
भारत को 26 तारीख को जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला खेलना है। यदि रिंकू तब तक उपलब्ध नहीं होते, तो टीम प्रबंधन को उनके विकल्प पर विचार करना होगा। चूंकि रिंकू निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके विकल्प का चयन टीम थिंक टैंक के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
टीम इंडिया ने किया अभ्यास
इधर, टीम इंडिया ने चेन्नई पहुंचने के बाद 24 तारीख को अभ्यास किया। ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने नेट्स में बल्लेबाजी की। अभिषेक शर्मा ने बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी का भी अभ्यास किया। बल्लेबाजी में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के कारण टीम प्रबंधन उन्हें गेंदबाजी में आजमाने पर विचार कर रहा है। गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने गेंदबाजी कोच मॉर्नी मोर्केल के साथ विशेष सत्र किया, जबकि अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज ने नेट में अभ्यास किया।
विश्व कप के अहम चरण में रिंकू सिंह की अनुपस्थिति टीम के संतुलन पर असर डाल सकती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि वह टीम से दोबारा कब जुड़ते हैं और भारतीय टीम इस चुनौती से कैसे पार पाती है।