मुम्बई : विश्वकप में भारत की पहली एकादश कैसी होगी इस पर लगातार चर्चा चल रही है लेकिन ईशान किशन की जगह लगभग पक्की मानी जा रही है। इसके साथ ही एक और बात भी साफ हो गई है कि संजू सैमसन के पहली एकादश में जगह पाने की संभावना लगभग नहीं के बराबर है। इसके संकेत बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में मिल गए। इस मैच में संजू को बल्लेबाजी के लिए उतारा ही नहीं गया। ओपनिंग में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा उतरे। ईशान ने 20 गेंदों में 53 रनों की तूफानी पारी खेली। अब इस पूरे मामले पर खुद ईशान ने अपनी बात रखी है।
ईशान किशन ने क्या कहा?
बुधवार को टॉस के समय ही सूर्यकुमार यादव ने बता दिया था कि ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन उतरेंगे। उम्मीदों और फॉर्म में वापसी के दबाव को संभाल न पाने के कारण संजू सैमसन बार-बार नाकाम रहे जिसे टीम मैनेजमेंट ने अच्छे संकेत के रूप में नहीं लिया। इसी वजह से ईशान के ओपनिंग करने के अनुरोध को टीम प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया।
मैच के बाद ईशान ने कहा कि मैं इस मैच को लेकर बहुत उत्साहित था। मैं पारी की शुरुआत करना चाहता था। इससे पहले नंबर तीन पर उतरकर भी अच्छी फॉर्म में था लेकिन विश्वकप से पहले टीम के लिए बल्लेबाजी क्रम में किसी भी स्थान पर खेलने को तैयार हूं।
दूसरी ओर अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक बल्लेबाज के होने से संजू पर दबाव बन गया था। इसी वजह से उन्होंने पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने की रणनीति अपनाई लेकिन वह पूरी तरह नाकाम रहे। वहीं ईशान पर ऐसा दबाव नहीं था। उन्होंने बताया कि गेंद को समझकर और समय लेकर शॉट खेलने की वजह से ही उन्हें सफलता मिली।
ईशान ने कहा कि मैं पहले गेंद को देख रहा हूं उसके बाद शॉट खेल रहा हूं। इसी तरीके से मुझे लगातार रन मिल रहे हैं। हालांकि विश्वकप में थोड़ा जोखिम लेना ही पड़ेगा। जिस दिशा में शॉट खेलना है वहां फील्डर मौजूद हो तब भी बड़े शॉट खेलने की मानसिकता रखनी होगी ताकि टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर सके।
अब देखना होगा कि क्या ईशान किशन विश्वकप में भी भारतीय टीम की पहली एकादश में ओपनिंग की जगह बनाए रख पाते हैं या नहीं।