कोलंबो : 2026 के T20 वर्ल्ड कप के 22वें मैच में ऐसी घटना हुई जिसने तुरंत सभी का ध्यान खींचा। यह मैच कोलंबो के सिंगलिज स्पोर्ट्स क्लब मैदान में आयरलैंड और ओमान के बीच खेला गया। टॉस जीतकर पहले बैटिंग के लिए आयरलैंड उतरा। मैच सामान्य तरीके से चल रहा थ लेकिन इनिंग्स के आठवें ओवर में एक स्टंपिंग को लेकर बड़ा भ्रम पैदा हुआ।
स्टंपिंग हुआ लेकिन बल्लेबाज आउट नहीं
आठवें ओवर की पांचवीं गेंद पर लॉरकान टाकर को ओमान के स्पिनर आमिर कलीम ने एक लेंथ गेंद फेंकी। यह गेंद लेग स्टंप के बाहर गिरकर अंदर की ओर जा रही थी। टाकर इसे फ्लीक मारने के लिए आगे बढ़े लेकिन पूरी तरह चूक गए और इसी दौरान वह क्रिज के बाहर चले गए।
सुनहरा मौका पाकर विकेटकीपर विनायक शुक्ला ने लेग साइड पर गेंद को पकड़ लिया। हालांकि गेंद पकड़ते समय वह थोड़े पीछे हिले लेकिन जल्दी खुद को संभालकर बेल फेंक दी। उस समय ऐसा लग रहा था कि टाकर पक्के आउट हैं क्योंकि वह अभी भी क्रिज पर वापस नहीं लौटे थे।
लेकिन अम्पायर ने ध्यान से देखा और पाया कि शुक्ला ने जिस हाथ से बेल तोड़ी उसमें गेंद नहीं थी। गेंद उनके बाएँ हाथ में थी और दाएँ हाथ से उन्होंने बेल तोड़ी। क्रिकेट के नियमों के अनुसार स्टंपिंग वैध होने के लिए गेंद जिस हाथ में है उसी हाथ से बेल फेंकनी चाहिए या दोनों हाथ एक साथ जुड़े होने चाहिए। यहाँ यह शर्त पूरी नहीं हुई। इसलिए स्टंपिंग वैध नहीं मानी गई और टाकर नॉट आउट रहे।
पहले भी हुई ऐसी गलती
इस महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान सीरीज में भी लगभग यही घटना हुई थी। पाकिस्तान के लेफ्ट-हैंड स्पिनर मोहम्मद नवाज की गेंद पर कूपर कनॉली स्टंप हुए। विकेटकीपर ख्वाजा नफे ने लेग साइड पर गेंद पकड़कर बेल फेंकी। लेकिन दाएँ हाथ में गेंद होने के बावजूद उन्होंने दूसरी हाथ से बेल फेंक दी।
उस मैच में अम्पायर ने यह बात नोट नहीं की और बल्लेबाज को आउट दे दिया जबकि नियम के अनुसार वह नॉट आउट थे लेकिन इस बार T20 वर्ल्ड कप में अम्पायर सतर्क रहे और सही निर्णय लिया।
यह घटना फिर साबित करती है कि क्रिकेट में नियम कितने सूक्ष्म और महत्वपूर्ण हैं और एक छोटा सा भूल भी मैच का रुख बदल सकता है।