नयी दिल्लीः टीम इंडिया के अनुभवी सलामी बल्लेबाज और कीपर केएल राहुल ने हाल ही में केविन पीटरसन के YouTube चैनल पर दिए इंटरव्यू में रिटायरमेंट को लेकर खुलकर बात की। राहुल ने कहा कि रिटायरमेंट उनके लिए मुश्किल नहीं होगा और जब सही समय आएगा, उन्हें खुद रिटायर होना पड़ेगा।
उन्होंने अपने महत्व पर खुद की ईमानदारी भी जताई। राहुल के मुताबिक, “मैं वही कर रहा हूं जो मेरे परिवार और मुझे पसंद है। मैं हमेशा खुद से कहता हूं, मैं उतना अहम नहीं हूं। हमारे देश का क्रिकेट और वर्ल्ड क्रिकेट आगे बढ़ेगा।”
केएल राहुल तीनों फॉर्मेट में टीम के ऑटोमैटिक चॉइस हैं। वे कहीं भी बैटिंग कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कीपिंग भी करते हैं। हालांकि उनकी फ्लेक्सिबिलिटी कभी-कभी उनकी जगह को पक्का नहीं होने देती।
राहुल ने अपने करियर के मुश्किल समय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैं कई बार घायल हुआ हूं और वह मेरी जिंदगी की सबसे मुश्किल लड़ाई थी। दर्द या सर्जरी नहीं, दिमाग से लड़ाई थी। उस समय दिमाग कहता था, ‘जैसा चाहो खेलो’। लेकिन मैंने हार नहीं मानी।”
अब केएल राहुल अगली बार मोहाली में पंजाब के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में खेलते नजर आएंगे। उन्होंने टेस्ट में 67 मैचों में 4053 रन, ODI में 94 मैचों में 3360 रन और T20 में 72 मैचों में 2265 रन बनाए हैं।
राहुल की बातचीत दर्शाती है कि उनके लिए क्रिकेट का मतलब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि ईमानदारी, चुनौती और परिवार के साथ संतुलन भी है।