नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को 24 से 48 घंटे का समय दिया है कि वह भारत में होने वाले टी20 विश्व कप में भाग लेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला बताए। इसके बावजूद बीसीबी अब भी उम्मीद लगाए बैठा है कि शीर्ष क्रिकेट संस्था उसके अनुरोध पर पुनर्विचार करेगी। बुधवार को आईसीसी ने पूर्ण सदस्य देशों के साथ एक बैठक की, जिसमें मतदान हुआ। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 20 टीमों वाले टूर्नामेंट के निर्धारित कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और बांग्लादेश को भारत जाकर ही अपने विश्व कप मैच खेलने होंगे।
जनवरी के पहले सप्ताह से ही बीसीबी भारत में खेलने को लेकर अनिच्छुक था और आईसीसी से मैचों को श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग करता आ रहा था। हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया। आईसीसी का कहना है कि भारत में बांग्लादेश टीम के लिए किसी तरह की सुरक्षा संबंधी समस्या नहीं है इसलिए तय कार्यक्रम के अनुसार बांग्लादेश को कोलकाता और मुंबई में ग्रुप सी के सभी मैच खेलने होंगे।
बुधवार को आईसीसी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि बांग्लादेश के मैच भारत में ही होंगे और कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, बीसीबी को 24 घंटे का समय दिया गया है अगर बांग्लादेश भारत दौरे से इनकार करता है, तो ग्रुप सी में उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया जाएगा।
आईसीसी का बयान सामने आने के बाद बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने क्रिकबज को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जय शाह के नेतृत्व वाली संस्था अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगी और बांग्लादेश के मैच श्रीलंका में कराने की व्यवस्था करेगी। उन्होंने कहा कि वह आईसीसी से किसी चमत्कार जैसी उम्मीद कर रहे हैं। विश्व कप कौन नहीं खेलना चाहता। आईसीसी की प्रेस विज्ञप्ति के बाद इस समय कुछ खास कहना संभव नहीं है। बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली थी। मतदान से पहले हमने अपने फैसले के पीछे के कारण आईसीसी को बताए थे। हम मतदान में नहीं जाना चाहते थे इसलिए हम पीछे हट गए। उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश के खिलाड़ी विश्व कप खेलना चाहते हैं और बांग्लादेश सरकार भी चाहती है कि टीम विश्व कप में हिस्सा ले लेकिन बीसीबी का मानना है कि भारत में खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा पर्याप्त नहीं है।