नई दिल्ली: यह सौरव गांगुली का पहली बार पूर्णकालिक कोच के रूप में कार्यभार संभालना है और शुरुआत में ही उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचा दिया है। आज रविवार को दक्षिण अफ्रीका टी-20 लीग के फाइनल में सौरव की टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स का सामना सनराइजर्स ईस्टर्न केप से होगा, जो इससे पहले दो बार यह ट्रॉफी जीत चुकी है।
प्रिटोरिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। लगातार हार के बाद टीम ने बिल्कुल सही समय पर वापसी की। 10 मैचों में से 5 जीतकर प्रिटोरिया ने फाइनल में जगह बनाई। पहली बार कोच बनते ही यह एक बड़ी सफलता है। अपने अनुभव के बारे में सौरव गांगुली ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया नीलामी से शुरू होती है। अच्छे क्रिकेटरों का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों को ज्यादा सिखाने की जरूरत नहीं होती। कोच का काम ड्रेसिंग रूम में अच्छा माहौल बनाना, खिलाड़ियों के साथ खड़ा रहना और खिलाड़ियों की क्षमता को निखारना होता है। उन्होंने यही करने की कोशिश की है। सौरव ने आगे कहा कि कोच के तौर पर कोई भी मैदान में उतरकर नहीं खेलेगा। मैदान में खिलाड़ी ही खेलेंगे, वही छक्के लगाएंगे और मैच जिताएंगे। कोच को अपनी टीम के खिलाड़ियों पर भरोसा रखना होता है और उन्होंने यही किया है।