तेहरान/नई दिल्ली: देश के भीतर बढ़ते विरोध-प्रदर्शन और बाहर से अमेरिका की चेतावनी के बीच ईरान ने अचानक अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद यह फैसला लिया गया। इसका असर भारत की कई विमानन कंपनियों की सेवाओं पर पड़ने वाला है। जो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ईरान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करती थीं, उन्हें अब दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही ईरान से भारत लौटना चाहने वाले भारतीय नागरिकों को भी परेशानी हो सकती है।
बुधवार रात पहले दो घंटे के लिए और फिर अनिश्चितकाल के लिए ईरान की सरकार ने हवाई क्षेत्र बंद रखने का फैसला किया। ईरान के इस कदम से उड़ानों में देरी और कुछ उड़ानों के रद्द होने की आशंका है। इस संबंध में एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है।
एयर इंडिया ने बताया कि ईरान का हवाई क्षेत्र फिलहाल व्यावसायिक विमानों के लिए बंद है। इसके कारण जो उड़ानें ईरान के ऊपर से जाने वाली थीं, उन्हें वैकल्पिक या घुमावदार मार्ग से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे गंतव्य तक पहुंचने में देर हो सकती है। कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, जिन्हें घुमावदार मार्ग से चलाना संभव नहीं है, उन्हें रद्द भी किया जा सकता है। कंपनी ने यात्रियों से माफी मांगते हुए कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।
सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय रूटों पर ईरान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने वाली इंडिगो और स्पाइसजेट की सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। विमानन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को पहले से सतर्क कर दिया है। इंडिगो ने बयान जारी कर कहा है कि अगर उड़ान रद्द होती है तो प्रभावित यात्रियों को री-बुकिंग या रिफंड की सुविधा दी जाएगी।
गौरतलब है कि ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने बुधवार को ही वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह जारी की थी। इसके कुछ घंटों बाद ही ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, इंडिगो की उड़ान 6 ई-1808 आखिरी भारतीय उड़ान थी जिसने ईरान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया। यह विमान त्बिलिसी से दिल्ली आ रहा था। विमान ने गुरुवार सुबह 2 बजकर 35 मिनट पर ईरान का हवाई क्षेत्र पार किया और सुबह 7 बजकर 3 मिनट पर दिल्ली में लैंड किया।