दिल्ली के लक्ष्मी नगर की सड़क पर उजागर दिन के समय एक भयंकर घटना हुई। शादी में सिर्फ 10 दिन बाकी थे। इस स्थिति में अपराधियों के एक समूह ने होने वाले दूल्हे को सड़क पर फेंककर निर्वस्त्र पीटा। अपने बेटे को बचाने की कोशिश में माता-पिता भी शारीरिक उत्पीड़न का शिकार हुए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए यह हृदय विदारक वीडियो देखकर पूरे देश का सर शर्म से झुक गया।
घटना हुई 2 जनवरी की दोपहर। एक जीम के मालिकाना हक को लेकर राजधानी के एक व्यापारी परिवार पर सतीष यादव उर्फ पिन्टू नामक एक स्थानीय गुंडा और उसके साथी लोगों ने हमला किया। उस व्यापारी और उसकी पत्नी को पीटने के साथ-साथ उनके बेटे को पूरी तरह से नग्न करके सड़क पर फेंक दिया गया और पीटा गया। अपमान और शर्म के कारण वह युवक और उसका दादा वर्तमान में लापता हैं। वे पुलिस और रिश्तेदारों के फोन भी नहीं उठा रहे हैं।
इस बीच, मीडिया के सामने उसकी मां रोते-रोते टूट गई हैं। उनका सवाल है, 'मेरे बेटे को सबके सामने नग्न कर दिया गया, शादी के 10 दिन पहले। क्या आप नहीं समझते कि इसके कारण उसके मन पर कितना दबाव पड़ा होगा ? क्या यह अपमान बलात्कार से कम है ?'
उनके आरोप के अनुसार, ओमकार यादव नामक एक स्थानीय हिंदूवादी संगठन के नेता की मदद से उन्हें लंबे समय से धमकाया जा रहा था। इस घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है लेकिन परिवार के अन्य सदस्य डर के मारे इलाके छोड़ चुके हैं। दिल्ली पुलिस पर अब कैसे भरोसा किया जाएगा ? जब उस युवक को नंगा करके सड़कों पर पटक-पिटाई की जा रही थी, तब वहीँ दिल्ली पुलिस के कर्मचारी निढाल रह गए थे।
इस भयंकर घटना को लेकर राजनीतिक विवाद भी पैदा हो गया है। दिल्ली नगर निगम, दिल्ली केंद्रशासित प्रदेश और केंद्र तीनों जगह बीजेपी सत्ता में है।
दिल्ली कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, 'यह अत्यंत चिंता का विषय है। वे (BJP) जिस तरह धीरे-धीरे दिल्ली पुलिस को कमजोर कर रहे हैं, इसका यही परिणाम है। दिल्ली पुलिस VIP की सेवा में व्यस्त है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियाँ पूरी तरह अनदेखी की जा रही हैं।'