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चुनाव से पहले असम में मतदाता सूची के SIR की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

कहा-"असम में अंतिम मतदाता सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है, इसलिए याचिका निरर्थक हो गई है।"

By डॉ. अभिज्ञात

Feb 19, 2026 18:27 IST

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें चुनाव आयोग को चुनावी राज्य असम में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली के पीठ ने चुनाव आयोग की इस दलील पर ध्यान दिया कि असम में अंतिम मतदाता सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है, इसलिए याचिका निरर्थक हो गई है।

यह जनहित याचिका मृणाल कुमार चौधरी द्वारा दायर की गई थी, जिसमें चुनाव आयोग के उस निर्णय को चुनौती दी गई थी कि असम में अन्य राज्यों की तरह SIR के बजाय सामान्य विशेष पुनरीक्षण कराया जाए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में गहन पुनरीक्षण आवश्यक है।

हालांकि चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी. एस. नायडू ने पीठ को बताया कि असम की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को ही प्रकाशित की जा चुकी है।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “अब इसमें कुछ भी शेष नहीं बचता।”

पीठ ने इस मुद्दे की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा विधायी और न्यायिक ढांचे के तहत चुनाव आयोग को किसी व्यक्ति को मनमाने ढंग से विदेशी घोषित करने का अधिकार नहीं है क्योंकि इसके लिए वैधानिक कट-ऑफ तिथियां और विशेष न्यायाधिकरण निर्धारित हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने हंसारिया से कहा, “आपको बहुत संवेदनशील और सावधान रहना होगा।”

याचिका में 17 नवंबर 2025 के चुनाव आयोग के उस ज्ञापन को रद्द करने का निर्देश भी मांगा गया था, जिसमें असम में SIR के बजाय विशेष पुनरीक्षण का आदेश दिया गया था।

इसके अलावा, 2026 के असम विधानसभा चुनावों से पहले जून 2025 में बिहार में कराए गए SIR के समान मानकों पर असम में भी SIR कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में यह भी मांग की गई थी कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आधार को प्रासंगिक दस्तावेज के रूप में न माना जाए।

विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आंकड़ों के अनुसार, असम में कुल मतदाताओं की संख्या में 2.43 लाख की कमी आई है।

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