कोलंबो: श्रीलंका नौसेना ने चक्रवात दित्वा के बाद द्वीपीय देश को सहायता प्रदान करने के लिए भारत के दो जहाज़ों सहित आठ विदेशी नौसैनिक पोतों को सम्मानित किया गया है। इस आपदा में 600 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।
गुरुवार को यहां नौसेना के प्रवक्ता कमांडर संपथ ने बताया कि हरिणी अमरसूर्या ने संबंधित देशों के राजनयिक अधिकारियों के एक समूह के प्रति व्यक्तिगत रूप से आभार व्यक्त किया।
मालूम हो कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में श्रीलंका से टकराए चक्रवात दित्वा के बाद देशभर में व्यापक बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे के भारी नुकसान ने देश की आपदा-प्रतिक्रिया क्षमता पर गंभीर दबाव डाला। भारतीय नौसेना का विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और एक अन्य युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि राहत और बचाव कार्यों में सबसे पहले शामिल हुए।
जब 27 नवंबर को चक्रवात दित्वा ने श्रीलंका में दस्तक दी, उस समय श्रीलंका नौसेना की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2025 में भाग लेने के लिए आठ विदेशी नौसैनिक युद्धपोत पहले से ही यहां मौजूद थे।
श्रीलंका नौसेना ने आपदा के तुरंत बाद जारी एक विज्ञप्ति में वैश्विक और क्षेत्रीय सहयोग की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि हालिया मौसम आपदा के दौरान विदेशी युद्धपोतों द्वारा प्रदान की गई मानवीय सहायता और आपदा राहत के रूप में अमूल्य सहयोग को स्वीकार किया गया है। द्वीप में गंभीर मौसम परिस्थितियों से उत्पन्न आपदा की स्थिति के कारण कार्यक्रम के लिए आए विदेशी युद्धपोतों को तुरंत मानवीय प्रयासों में लगा दिया गया। विशेष रूप से भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत से तैनात हेलीकॉप्टरों की भूमिका उल्लेखनीय रही।
भारत का राहत एवं सहायता मिशन 'ऑपरेशन सागर बंधु' चक्रवात दित्वा के तट पर पहुंचने वाले दिन ही शुरू हो गया था। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने राहत सामग्री की आपूर्ति की।
ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 1,100 टन से अधिक राहत सामग्री सूखा राशन, टेंट, तिरपाल, स्वच्छता किट, आवश्यक वस्त्र और जल-शुद्धिकरण किट श्रीलंका पहुंचाई गईं। इसके अलावा लगभग 14.5 टन दवाएं और चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। राहत कार्यों में सहायता के लिए 60 टन अतिरिक्त उपकरण भी श्रीलंका लाए गए। भारतीय वायुसेना के कई एमआई-17 हेलीकॉप्टर दो सप्ताह से अधिक समय तक श्रीलंका में सक्रिय रहे।
कोलंबो स्थित आपदा प्रबंधन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 16 नवंबर से अब तक भूस्खलन, बाढ़ और भारी वर्षा के कारण हुई व्यापक तबाही में 1 जनवरी तक 644 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 175 लोग अब भी लापता हैं।
भारत ने 23 दिसंबर को श्रीलंका के लिए लगभग 3,735 करोड़ रुपये के पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा की थी। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने श्रीलंका के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण में कोलंबो के प्रति दिल्ली की दृढ़ प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। इस सहायता पैकेज में लगभग 2,905 करोड़ रुपये की रियायती कर्ज सुविधा और लगभग 830 करोड़ रुपये की अनुदान राशि शामिल है।