भारतीय सीमा पर खतरे के काले बादल एक बार फिर से मंडराने लगे हैं। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में चीन सेना की तैनाती कर सकता है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर बलूच नेता मीर यार बलूच ने इस खतरे के बारे में चेतावनी दी है। बलूच नेता ने अपने पत्र में क्या लिखा है?
बलूच नेता मीर यार बलूच ने 1 जनवरी को अपना पत्र भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भेजा है। इसमें उन्होंने साफ कहा है कि अगर बलूचिस्तान की आजादी चाहने वाले लोगों को अब भी नजरंदाज किया गया तो अगले कुछ महीनों में चीनी लाल सेना वहां अपना बेस तैयार कर लेगी। मीर यार बलूच का मानना है कि 6 करोड़ बलूच लोगों के खिलाफ चीनी सेना की यह उपस्थिति सिर्फ बलूचिस्तान ही नहीं बल्कि भारत के भविष्य के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
बलूच नेता ने आरोप लगाया कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का इस्तेमाल करके ड्रैगन (चीन) अपने पंजे फैला रहा है। पत्र में उन्होंने पहलगाम हमले के बाद नरेंद्र मोदी की सरकार के 'ऑपरेशन सिंदूर' की तारीफें भी की हैं।
उन्होंने कहा, 'भारत ने आतंकवाद का मुकाबला करने की जो हिम्मत दिखाई है वह एक मिसाल कायम करता है।' उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर का जिक्र करते हुए भारत और बलूचिस्तान के हजारों साल पुराने सांस्कृतिक रिश्तों की भी याद दिलाई। उन्होंने सीधे तौर पर कहा, 'भारत और बलूचिस्तान दोनों ही अब एक कॉमन खतरे का सामना कर रहे हैं। इसलिए अब साथ मिलकर काम करने का समय आ गया है।'