वाशिंगटनःअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बावजूद भारत ने रूस से तेल का आयात बंद नहीं किया है। इसी बात से नाराज़ होकर उन्होंने पिछले रविवार 50 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। हालांकि ट्रंप यह भी जानते हैं कि भारत इस पूरे मामले को बिल्कुल पसंद नहीं कर रहा है। मंगलवार को उन्होंने कहा, “मैं जानता हूँ कि टैरिफ लगाने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझसे ज़्यादा खुश नहीं हैं।” इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि मोदी के साथ उनके संबंध अच्छे हैं।
ट्रंप ने भारत पर दो चरणों में कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत शामिल है। पिछले रविवार मोदी के साथ अपने निजी संबंधों का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने कहा था, “प्रधानमंत्री मोदी बेहद अच्छे इंसान हैं। वे जानते थे कि रूस से तेल आयात को लेकर मैं खुश नहीं हूँ। मुझे खुश करना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे हमारे साथ व्यापार करते हैं और अगर हम चाहें तो उन पर टैरिफ और बढ़ा सकते हैं।”
फिलहाल दोनों देशों के अधिकारियों के बीच टैरिफ विवाद सुलझाने को लेकर बातचीत चल रही है। व्यापार समझौते पर भी दोनों पक्ष चर्चा कर रहे हैं। ठीक ऐसे समय में ट्रंप के इस संदेश से हलचल मच गई। हालांकि इस दिन उन्होंने टैरिफ बढ़ाने को लेकर कोई नई बात नहीं कही। लेकिन इस बार उन्होंने दावा किया कि मोदी उनसे मिलना चाहते थे।
हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स के रिपब्लिकन (GOP) सदस्यों के साथ बैठक में ट्रंप ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी मुझसे मिलना चाहते थे। उन्होंने पूछा था-‘सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूँ?’ मैंने कहा—हाँ।” हालाँकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि मोदी कब और कहाँ उनसे मिलना चाहते थे। इस मुद्दे पर अब तक नई दिल्ली की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इसके बाद मोदी के साथ अपने अच्छे संबंधों का ज़िक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मोदी के साथ मेरा बहुत अच्छा रिश्ता है। लेकिन अब भारत को बहुत ज़्यादा टैरिफ देना पड़ रहा है इसलिए वे मुझसे ज़्यादा खुश नहीं हैं।” ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत ने अभी रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया है, हालाँकि उनका दावा है कि “रूस से तेल आयात काफी हद तक कम कर दिया गया है।”
कुछ सप्ताह पहले मोदी और ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर चर्चा की थी। टैरिफ के मुद्दे पर किसी ने खुलकर बात नहीं की। इस बीच टैरिफ के कारण कृषि सहित कई क्षेत्रों पर संकट गहराता जा रहा है। जानकारों का मानना है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की कीमतें बढ़ने से निर्यात पर असर पड़ा है। ऐसे में यदि नए टैरिफ लगाए गए तो भारतीय व्यापारियों के लिए हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।