तेहरान/नई दिल्लीः ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा है। देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, महंगाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति अली खामेनेई के इस्तीफे की मांग की है।
इस बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों और भारत में जन्मे ईरानवासियों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने कहा कि जितना हो सके, तेहरान की यात्रा केवल अत्यावश्यक कारणों से करें। आंदोलन वाले क्षेत्रों से दूरी बनाएं और भारतीय दूतावास की वेबसाइट व सोशल मीडिया पर नजर रखें। साथ ही, अपने नाम को दूतावास में पंजीकृत कर लें।
अमेरिका की HRAI संस्था के अनुसार, पिछले सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 990 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, मुद्रा का अवमूल्यन और महंगाई से जुड़ी है।
ईरानी शासकगण इन विरोधों को “विनाशकारी” बताते हुए दमन की चेतावनी दे चुके हैं। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी कड़ा संदेश दिया है कि अगर तेहरान हिंसा के जरिए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार करता है, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा।