काठमांडुः नेपाल के अधिकारियों ने सोमवार को भारत की सीमा से लगे बीरगंज के कुछ हिस्सों में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और झड़प होने की आशंकाओं के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू कर दी। यह कदम परसा जिले के बीरगंज शहर में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर हुए प्रदर्शनों के हिंसक होने के एक दिन बाद उठाया गया है।
परसा जिला प्रशासन कार्यालय (डीएओ) ने बीरगंज महानगर के संवेदनशील क्षेत्रों के लिए निषेधाज्ञा जारी की। यह प्रतिबंध स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे से लागू हो गए हैं और अगले आदेश तक लागू रहेंगे। परसा जिला कार्यालय के मुख्य अधिकारी भोला दहाल द्वारा हस्ताक्षरित एक नोटिस के अनुसार कि शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए निर्धारित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की सभा करने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र पूर्व में बस पार्क क्षेत्र से पश्चिम में सिरसिया ब्रिज तक और उत्तर में पावर हाउस चौक से दक्षिण में शंकराचार्य गेट तक है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चालू आपातकालीन सेवा
हालांकि आम लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए आपातकालीन सेवाओं को कर्फ्यू के दायरे से बाहर रखा गया है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, शववाहक वाहन, मीडिया, पर्यटकों की गाड़ियाँ और दूतावास की गाड़ियों को चलने की अनुमति दी गई है।
सतर्क भारत
भारत-नेपाल सीमा के इतने करीब इस तरह की सांप्रदायिक उन्माद फैलने से नई दिल्ली भी चिंतित है। भारतीय सुरक्षा संस्थाएं भी स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं। वर्तमान में वीरगंज के आसपास के सीमावर्ती क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं।