मुंबई : पिछला एक साल इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। पूरे साल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। इक्विटी फंड की कई कैटेगरी उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं दे पाई। लेकिन इस कठिन दौर में भी कुछ म्यूचुअल फंड निवेशकों को चौंकाने में सफल रहे। बीते एक साल में इन फंड्स ने 23 प्रतिशत से अधिक रिटर्न दिया है।
इस सफलता की सबसे खास बात यह है कि इन फंड्स में से ज्यादातर डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड नहीं हैं। ये मुख्य रूप से सेक्टोरल और थीमैटिक स्कीमें हैं जिनका फोकस बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर पर रहा। बाजार कमजोर रहने के बावजूद कुछ चुनिंदा सेक्टरों में निवेशकों का भरोसा बना रहा और इसी वजह से वहां से मजबूत रिटर्न देखने को मिला।
पिछले एक साल के प्रदर्शन का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि घरेलू इक्विटी सेक्टरों में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इन सेक्टरों का औसत रिटर्न लगभग 21 प्रतिशत रहा। इसके बाद ऑटो और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का नंबर आता है जहां औसत रिटर्न करीब 18 प्रतिशत के आसपास रहा।
हालांकि सभी इक्विटी कैटेगरी का प्रदर्शन ऐसा नहीं रहा। इंटरनेशनल इक्विटी फंड कैटेगरी करीब 33 प्रतिशत रिटर्न के साथ सबसे ऊपर रही, लेकिन घरेलू बाजार में ज्यादातर इक्विटी सब-कैटेगरी एक अंकीय रिटर्न तक ही सीमित रहीं। बीते एक साल में सिर्फ दो सेक्टोरल फंड और दो थीमैटिक फंड ही डबल-डिजिट रिटर्न दे पाए।
यह रुझान निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक देता है। बाजार दबाव में रहने के बावजूद सभी सेक्टर समान रूप से प्रभावित नहीं होते। कुछ खास सेक्टरों में तब भी मौके बनते हैं। हालांकि सेक्टोरल और थीमैटिक फंड में निवेश से पहले जोखिम को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
इन 5 म्यूचुअल फंड्स ने दिया बड़ा रिटर्न
क्वांट बीएफएसआई फंड – डायरेक्ट प्लान: 27.14%
डीएसपी बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड – डायरेक्ट प्लान: 25.47%
एचडीएफसी ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स फंड – डायरेक्ट प्लान: 24.87%
आईटीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड – डायरेक्ट प्लान: 24.31%
एसबीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड – डायरेक्ट प्लान: 23.80%
(समाचार एइ समय कहीं भी निवेश की सलाह नहीं देता। शेयर बाजार या किसी भी तरह का निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले उचित रिसर्च और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर शैक्षिक और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)