नई दिल्ली : पिछले तीन दिनों की तरह गुरुवार सुबह से ही देश का शेयर बाजार गिरावट में है। सुबह करीब पौने 11 बजे निफ्टी 50 लगभग 110 अंकों की गिरावट के साथ और सेंसेक्स 318 अंकों की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स के साथ-साथ मेटल सेक्टर के कई शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मेटल सेक्टोरल इंडेक्स में भी 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को मेटल सेक्टर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
गुरुवार को निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.9 प्रतिशत टूटकर 11 हजार 191 अंकों पर आ गया। इस रिपोर्ट के लिखे जाने के समय निफ्टी मेटल इंडेक्स में सूचीबद्ध सभी 15 कंपनियों के शेयर गिरावट में थे। इनमें सबसे ज्यादा गिरावट हिंदुस्तान जिंक के शेयर में देखी गई। करीब 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ हिंदुस्तान जिंक का शेयर भाव 599 रुपये पर आ गया जो अगस्त 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
गुरुवार को नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के शेयर में 4.3 प्रतिशत की गिरावट आई। हिंदुस्तान कॉपर के शेयर 4.7 प्रतिशत टूटे। हिंडाल्को और वेदांता के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और सेल के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक टूटे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी सहित विभिन्न धातुओं की कीमतों में गिरावट और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के कारण ही देश के मेटल स्टॉक्स में यह भारी गिरावट देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में काफी गिरावट आई है। कॉपर और निकेल की कीमतें 2 प्रतिशत से अधिक गिर गई हैं। शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज में बेस मेटल्स के तहत एल्युमिनियम की कीमत 1.99 प्रतिशत घटी है। जिंक की कीमत 1.40 प्रतिशत, सीसे की कीमत 1.75 प्रतिशत और टिन की कीमत 1.53 प्रतिशत गिर गई है।
(समाचार एइ समय कहीं भी निवेश की सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार या किसी भी क्षेत्र में निवेश जोखिम से जुड़ा होता है। निवेश करने से पहले सही तरीके से जानकारी लेना और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शैक्षणिक और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)