मुंबई : लैटिन अमेरिका में उथल-पुथल के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। 6 जनवरी मंगलवार को सुबह से ही दोनों सूचकांक सूचकांक कमजोर दिखा। पूरे दिन की ट्रेडिंग के बाद सेंसेक्स 376 दशमलव 28 अंक गिरकर 85 हजार 63 दशमलव 34 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 50 का सूचकांक 71 दशमलव 60 अंक गिरकर 26 हजार 178 दशमलव 70 अंक पर बंद हुआ। इस दिन रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, Trent जैसे शेयरों में भारी दबाव देखा गया।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार Gogetit Investment Limited के रिसर्च हेड बिनोद नायर ने बताया कि देश के बाजार में कई घरेलू कंपनियों खासकर लार्ज कैप कंपनियों के शेयरों में करेक्शन आया। रिलायंस इंडस्ट्रीज और HDFC बैंक के शेयरों में सेलिंग प्रेशर देखा गया।
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
बिनोद नायर के अनुसार अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष से पैदा हुई अनिश्चितता का प्रभाव बाजार पर पड़ा। इसके अलावा रूस के तेल आयात से जुड़े मुद्दे और तीसरी तिमाही के नतीजों को लेकर निवेशकों की चिंता के कारण भी बाजार में दबाव देखा गया।
किन कंपनियों के शेयर बढ़े?
हालांकि इस दिन कुछ कंपनियों के शेयरों ने लाभ दिया। ICICI बैंक के शेयर में 2.8% की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, सन फार्मास्यूटिकल्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों की कीमतें बढ़ीं। TCS का शेयर भी बढ़ा।
कौन-कौन से शेयर गिरें?
Trent के शेयर में 8.62% की गिरावट आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी दबाव देखा गया।इसके अलावा ITC, कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों की कीमतें गिर गईं।
विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली जबकि फार्मा, बैंकिंग और आईटी सेक्टर में गति बनी रही। उनका मानना है कि अगले कुछ दिनों में शेयर बाजार सीमित मार्जिन के भीतर ही उतार-चढ़ाव करेगा।
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