मुंबईः 2025 में मुंबई ने देश के सबसे बड़े रेसिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार के रूप में अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल शहर में 9.8 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस की लीजिंग हुई। भले ही पिछले साल से 5 प्रतिशत कम रही, लेकिन फिर भी यह पिछले दस वर्षों में दूसरी सबसे बड़ी वार्षिक लीजिंग है। साल के दूसरे हिस्से में बड़े ऑफिस लेआउट और उपनगरों में सौदों की संख्या अधिक रही।
ऑफिस बाजार में इस वर्ष सबसे बड़ा बदलाव ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी रही, जो दूसरे हिस्से में 9 प्रतिशत से बढ़कर 27 प्रतिशत हो गई। इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक कंपनियां मुंबई को उच्चस्तरीय सेवाओं और विश्लेषण कार्यों के लिए प्राथमिकता दे रही हैं। औसत ऑफिस किराया 6 प्रतिशत बढ़कर 125 रुपये प्रति वर्ग फीट प्रति माह पहुंच गया, जबकि खाली जगह की दर लगभग स्थिर रही।
रेसिडेंशियल सेगमेंट में भी स्थिर मजबूती देखी गई। 2025 में कुल 97,188 घरों की बिक्री हुई और औसत आवासीय कीमत 7 प्रतिशत बढ़कर 8,856 रुपये प्रति वर्ग फीट हो गई। मेट्रो लाइन-3 और मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक जैसी परियोजनाओं ने उपनगरों और बाहरी इलाकों में मांग को बढ़ावा दिया। कुल मिलाकर, 2025 में मुंबई का रियल एस्टेट बाजार स्थिरता और दीर्घकालिक भरोसे का संकेत देता है।