ज्योतिषशास्त्र का एक महत्वपूर्ण अंग वास्तुशास्त्र है। वास्तुशास्त्र में घर के विभिन्न दिशाओं का अलग-अलग महत्व है। वास्तु के अनुसार घर में हर चीज को रखने के विशेष दिशा होती है। सही दिशा में सही चीज रखने से ही उससे सकारात्मक ऊर्जा निकलती है। गलत जगह पर चीज रखने से नकारात्मक ऊर्जा फैलती है और परिवार में परेशानियां आती हैं। जिस घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है, वहाँ विभिन्न प्रकार की समस्याएं बनी रहती हैं। नकारात्मक ऊर्जा के कारण जैसे परिवार में आर्थिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, वैसे ही बीमारियाँ भी बढ़ सकती हैं।
जब परिवार के लोग बीमारी या कष्ट में होते हैं, उस घर में कभी भी सुख नहीं हो सकता। क्योंकि बीमारी हमारे मन में दुःख, डर और अवसाद पैदा करती है। आज हम चर्चा करेंगे कि घर में दवाइयाँ कहाँ रखें। क्योंकि वास्तुशास्त्र कहता है कि घर में किसी भी जगह दवाइयाँ नहीं फैलानी चाहिए। दवाइयाँ केवल निश्चित स्थान पर ही रखें। अन्यथा बीमारी ठीक होने के बजाय और बढ़ जाएगी।
वास्तु अनुसार दवा घर में कहाँ रखें, कहाँ नहीं रखें ?
वास्तु विशेषज्ञ कहते हैं कि घर में गलत जगह पर दवा रखने से उसका अशुभ प्रभाव घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। किसी न किसी बीमारी का असर उस घर में रह ही जाता है। इसलिए घर में सही जगह पर दवा रखना बहुत जरूरी है।
घर के उत्तर और पश्चिम दिशा में दवा नहीं रखें। इन दिशाओं में दवा रखने से दवा की प्रभावशीलता कम हो जाती है। परिणामस्वरूप दवा खाने के बावजूद बीमारी ठीक नहीं होती।
साथ ही दक्षिण-पूर्व या दक्षिण दिशा में भी दवा न रखें।
रसोईघर में किसी भी हाल में दवा रखना उचित नहीं है। इससे घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।
बिस्तर पर अपने सिर के पास दवा लेकर सोएं नहीं।
पढ़ाई की मेज पर भी दवा रखना ठीक नहीं है। इससे आप दुर्भाग्य का शिकार हो सकते हैं। ऐसा करने पर बीमारी घर के एक सदस्य से दूसरे सदस्य तक फैल सकती है।
वास्तु अनुसार घर के उत्तर-पूर्व दिशा में दवा रखने के लिए आदर्श है। इस दिशा में दवा रखने से बीमारी जल्दी ठीक होगी और परिवार में रोग-व्याधि कम दिखाई देगी।