हावड़ा में 3 महीने के दुधमुंहे पोते की हत्या का आरोप दादी पर लगाया गया था। घटना जिले के डोमजूड़ के सलप पीड़डांगा की बतायी जाती है। लेकिन लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा था कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि 60 वर्षीया वृद्धा ने अपने दुधमुंहे पोते की हत्या कर डाली? पुलिस को इस मामले में जो कुछ पता चला उसे सुनकर लोगों की आंखे फटी की फटी रह गयी।
शनिवार को पुलिस ने घटना का पुनर्निर्माण किया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वृद्धा ने पुलिस की पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया है। आखिर क्यों 60 वर्षीया दादी ने अपने दुधमुंहे पोते की हत्या करने जैसा बड़ा कदम उठा लिया?
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दादी सारथी बंद्योपाध्याय की अपनी बहू के साथ नहीं बनती थी। बताया जाता है कि पारिवारिक कलह की वजह से गुस्से में आकर दादी ने अपने 3 माह के पोते की हत्या कर डाली। गत बुधवार को डोमजुड़ थाना की पुलिस ने वृद्धा को गिरफ्तार कर लिया था। बताया जाता है कि पुलिस की कड़ी निगरानी में शनिवार को सारथी बंद्योपाध्याय को उनके घर के पास मौजूद तालाब के किनारे ले जाया गया। उनकी गोद में एक बड़ी सी गुड़िया दी गयी थी।
वृद्धा ने कैसे उन्होंने अपने 3 महीने के पोते की गला घोंटकर हत्या की और उसे तालाब में फेंक दिया, उसे पुनर्निर्माण कर उन्होंने दिखाया। पूरी घटना की पुलिस ने वीडियोग्राफी भी की। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछली मंगलवार को अभिजीत बंद्योपाध्याय के 3 महीने का बेटा अर्णव अपनी दादी सारथी बंद्योपाध्याय के पास सोया था।
अचानक सारथी ने रोते हुए कहा कि उनका पोता गायब है। इसके बाद पूरे परिवार ने बच्चे की खोजबीन शुरू की और घर के पास मौजूद तालाब से उसका शव बरामद किया। तुरंत बच्चे को अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जाता है कि परिवार को सारथी पर ही संदेह था। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार भी कर लिया कि उन्होंने ही पोते की हत्या की है। इसके बाद बच्चे के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवायी। लिखित शिकायत के आधार पर सारथी बंद्योपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया गया।