राष्ट्रीय चुनाव आयोग का महिमामंडन करने के लिए भाजपा की प्रचार विंग ने 4 महीना पुरानी एक विज्ञप्ति का इस्तेमाल किया है। यह आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने कहा कि इससे साबित होता है कि चुनाव आयोग 'SIR' का प्रबंधन करने में न सिर्फ असफल रही है बल्कि पूरा सिस्टम ही बेकार हो गया है।
शनिवार की देर रात को सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक हैंडल से किए एक पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने दावा करते हुए कहा, 'गेरुआ शिविर (भाजपा) भले ही अपने सभी अस्त्रों का इस्तेमाल कर ले लेकिन तृणमूल साल 2021 के मुकाबले और भी ज्यादा जनसमर्थन के साथ ही जीतेगी।'
तृणमूल के प्रतिनिधिमंडल के साथ शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त की कौन-कौन से मुद्दों पर बात हुई, उसे अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार की रात को ही सार्वजनिक करने की मांग की थी। शनिवार की रात को एक समाचार एजेंसी ने अपने X हैंडल पर चुनाव आयोग की एक विज्ञप्ति पोस्ट की जो 2 अगस्त को जारी की गयी थी।
इस विज्ञप्ति में कहा गया था कि BLO का भत्ता ₹6000 से बढ़ाकर ₹12000 किया गया है। और BLO सुपरवाइजर का भत्ता ₹12000 से बढ़ाकर ₹18000 किया गया है। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने उक्त न्यूज एजेंसी को टैग कर अपने X हैंडल पर पोस्ट किया।
अभिषेक बनर्जी ने बोला हमला
अपने पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने लिखा, 'फर्जी उत्साह तैयार करना और चुनाव आयोग का महिमामंडन करने के लिए भाजपा की प्रचार विंग ने 4 महीने पुराने निर्देश का फिर से इस्तेमाल किया है। यह साबित करता है कि 'SIR' सिर्फ व्यर्थ ही नहीं हुआ है बल्कि आम लोगों के सामने इसकी पोल भी खुल गयी है।
केंद्र सरकार की मशीनरी, EC, ED, CBI, इनकम टैक्स, केंद्रीय सेना, नियंत्रित मीडिया, न्याय-व्यवस्था के एक हिस्से का इस्तेमाल करने के बावजूद भाजपा जानती है कि बंगाल उनको हरा देगी और साल 2021 की तुलना में और भी अधिक जनसमर्थन के साथ तृणमूल फिर से आएगी।'
शुक्रवार को दिल्ली में तृणमूल के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त की बैठक को लेकर भी गलत जानकारी देने का आरोप लगा था। इसीलिए अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को हुई उस बैठक की फुटेज जारी करने की मांग की थी। वहीं दूसरी ओर सोमवार से लोकसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। इससे ठीक पहले शनिवार को तृणमूल के कई लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों ने नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन की मांग की है कि हम भी सही 'SIR' चाहते हैं। ममता बनर्जी से बात करके ही इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए था। 'SIR' को लेकर इतनी जल्दी क्यों है? इतनी जल्दबाजी के साथ 'SIR' का संचालन करने का क्या मतलब है? उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या नोटबंदी के बाद ब्लैक मनी रुक गई? BLO पर बेवजह दबाव डाला जा रहा है।
लोकसभा सांसद प्रतिमा मंडल, साजदा अहमद और राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने भी डेरेक के ही लहजे में राष्ट्रीय चुनाव आयोग पर निशाना साधा। फिल्म निर्देशक ऋत्विक घटक की फिल्म 'मेघे ढाका तारा' की अभिनेत्री नीता का हवाला देते हुए BLO की आत्महत्या को हाईलाइट करते हुए प्रतिमा ने कहा, 'दादा, नीता ने भी कहा था कि मैं जीना चाहती हूं। BLO रिंकू तरफदार भी उनकी तरह जीना चाहती थी। लेकिन उसे जीने नहीं दिया गया।'
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अमानवीय व्यवहार से पैदा हुए डर की वजह से ही हम इतनी सारी मौत देख रहे हैं। सांसद साजदा अहमद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आयोग को ‘SIR’ की वजह से बंगाल में हो रही मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
शनिवार को साकेत ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने सभी मुद्दों पर बात की है। लेकिन उन्होंने हमारे किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया है। वहीं डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि चुनाव आयोग कह रहा है कि 9 तारीख (पुरानी विज्ञप्ति के अनुसार) के बाद सब ठीक हो जाएगा। यह अमानवीय व्यवहार है। अगर चुनाव आयोग के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह पारदर्शी है तो वह हमारे साथ हुई बैठक की ट्रांसक्रिप्ट जारी करे। यह ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस है। हम जानते हैं कि कैसे लड़ाई करना है!