अगरतला: त्रिपुरा के सेपाहिजाला जिले में विभिन्न स्थानों पर उगाए गए करीब 19 लाख अपरिपक्व गांजा पौधों को नष्ट कर दिया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। शनिवार को राज्य पुलिस, बीएसएफ और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) की संयुक्त टीम ने दिनभर चलने वाला अभियान चलाया। गुप्त सूचना के आधार पर करीब 600 जवानों की संयुक्त फोर्स ने उत्तर कलमचौड़ा, दक्षिण कलमचौड़ा, आनंदपुर और घाटीगढ़ क्षेत्रों में 650 एकड़ वन भूमि में यह कार्रवाई की।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सेपाहिजाला जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीब सूत्रधार ने बताया कि घने जंगलों में गांजा की खेती की पहचान के लिए पुलिस ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि शनिवार की कार्रवाई में विभिन्न स्थानों पर उगाए गए कुल 19 लाख अपरिपक्व गांजा पौधों को नष्ट किया गया है, जिनकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। गांजा विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सोनामुरा थाने के प्रभारी तपन दास ने बताया कि स्थानीय लोगों ने 650 एकड़ वन भूमि में गांजा की खेती की थी हालांकि अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यह त्रिपुरा में एक दिन में नष्ट किए गए गांजा पौधों की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पुलिस के अनुसार, तैयार गांजा बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तस्करी कर ले जाया जाता है, जहां इसे अधिक कीमत पर बेचा जाता है