बेंगलुरु: कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के येल्लापुर कस्बे में शनिवार को सड़क पर एक 30 वर्षीय दलित महिला की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, हत्या का आरोप महिला के परिचित एक व्यक्ति पर है। पुलिस अधीक्षक दीपन एम. एन. ने पीटीआई को बताया कि अभियुक्त रफीक इमामसाब का शव रविवार को येल्लापुर के पास जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार इस घटना के बाद कस्बे में साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई है। कई हिंदू संगठनों ने रविवार को येल्लापुर बंद का आह्वान किया है और इस हत्या को ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है। मृतका की पहचान येल्लापुर के कलम्मा नगर निवासी रंजिता भानसोडे (30) के रूप में हुई है। अभियुक्त रफीक, जो उसी इलाके का रहने वाला था, इस मामले में मुख्य अभियुक्त बताया गया है। पुलिस के अनुसार, रफीक और रंजिता स्कूल के दिनों से एक-दूसरे को जानते थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अभियुक्त महिला पर उससे विवाह करने का दबाव बना रहा था। महिला के इनकार करने पर उसने कथित तौर पर सार्वजनिक स्थान पर चाकू से हमला किया।
यह घटना शनिवार दोपहर उस समय हुई जब रंजिता अपने कार्यस्थल से घर लौट रही थी। रंजिता ने करीब 12 साल पहले महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी सचिन काटेरा से विवाह किया था और उनका एक 10 वर्षीय बेटा है। वह अलग रह रही थी और येल्लापुर में अपने परिवार के साथ रहती थी। वह एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील सहायक के रूप में काम करती थी। अभियुक्त अक्सर उसके घर भोजन के लिए आता था लेकिन जब उसने शादी पर ज़ोर देना शुरू किया और रंजिता व उसके परिवार ने इसका विरोध किया, तब तनाव बढ़ गया। हत्या के बाद स्थानीय लोगों और कुछ हिंदुत्व संगठनों ने येल्लापुर थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने अभियुक्त को हिरासत में लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी थी। इस बीच, अभियुक्त रफीक का शव जंगल में मिला।
श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने इस मामले को ‘लव जिहाद’ बताते हुए बयान दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र रविवार को रंजिता के परिवार से मुलाकात करेंगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने येल्लापुर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।