ढाका : बांग्लादेश के विश्व कप में खेलने को लेकर जारी असमंजस के बीच कप्तान लिटन दास चुप ही रहे हैं। जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने इसे सुरक्षित नहीं बताते हुए टाल दिया। हालांकि लिटन भले ही बचते रहे हों लेकिन टीम के स्टार बल्लेबाज नजमुल हुसैन शांतो ने खुलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे विश्व कप खेलना चाहते हैं और मौजूदा हालात के कारण खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव पड़ रहा है।
आगामी टी-20 विश्व कप को लेकर बांग्लादेश क्या करेगा, इस पर फैसला 21 तारीख यानी आज तक लेना है। इसलिए अभी के कुछ घंटे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के लिए बेहद अहम हैं। बोर्ड के फैसले में हो रही देरी की वजह से खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। नजमुल हुसैन शांतो ने पत्रकारों से कहा कि क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश की ओर से उनके साथ अब तक कोई आधिकारिक बातचीत नहीं की गई है।
शांतो ने कहा कि इस विषय पर बात करने का हमारे पास कोई मौका नहीं है। क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश के अधिकारी अभी मैचों में व्यस्त हैं। सबसे ऊपर बात यह है कि जो कुछ हो रहा है उससे खिलाड़ी मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। यह बहुत कठिन समय है।
किसी भी खिलाड़ी के लिए विश्व कप खेलना एक सपना होता है चाहे वह क्रिकेटर हो या फुटबॉलर। बांग्लादेश के खिलाड़ी भी इससे अलग नहीं हैं। शांतो ने कहा कि क्रिकेटर के तौर पर हम खेलना चाहते हैं। जब विश्व कप जैसे टूर्नामेंट आते हैं तो हर कोई खेलना चाहता है। विश्व कप बार-बार नहीं आता, यह हमारे लिए अच्छा क्रिकेट खेलने का एक बड़ा मौका है।
शांतो ने यह भी बताया कि बोर्ड की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। बोर्ड के अंदर क्या चल रहा है इसकी जानकारी खिलाड़ियों को नहीं दी गई है। इसी वजह से इस मुद्दे पर उन्होंने कोई ठोस टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि इसमें कई पहलू जुड़े हुए हैं मेरे लिए सब कुछ जानना संभव नहीं है। मेरा मानना है कि इन मामलों को सही तरीके से संभाला जाना चाहिए।