नई दिल्ली: आईसीसी अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले आगामी मुकाबले को भारत के कप्तान आयुष मात्रे पूरी तरह एक सामान्य मैच की तरह देख रहे हैं। 1 फरवरी को पाकिस्तान से भिड़ने से पहले उन्होंने साफ कर दिया है कि इस मैच को लेकर अतिरिक्त दबाव या भावनाओं में बहने की कोई जगह नहीं है। उनका टीम के साथियों को एक ही संदेश है कि नतीजों के बारे में पहले से सोचने के बजाय तैयारी और रणनीति पर पूरा ध्यान देना होगा।
मौजूदा अंडर-19 विश्व कप में यह पहला मौका है जब भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे। सुपर सिक्स चरण का यह मुकाबला दोनों टीमों का आखिरी मैच है इसलिए स्वाभाविक तौर पर मुकाबले को लेकर उत्साह ज्यादा है। यह बात भारतीय कप्तान लगातार दोहरा रहे हैं कि भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा खास माना जाता है लेकिन इस रोमांच को मैदान के बाहर रखकर ठंडे दिमाग से खेलना ही असली लक्ष्य है।
लगातार चार मैच जीतकर आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम इस समय शानदार लय में है। उसी लय को बनाए रखते हुए योजनाबद्ध क्रिकेट खेलना आयुष की प्राथमिकता है। मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ खेलने को लेकर हम सभी स्वाभाविक रूप से उत्साहित हैं लेकिन हम प्रतिद्वंद्वी के बारे में ज्यादा नहीं सोचेंगे। हम अपना खेल खेलेंगे और अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा रखेंगे।
पिछले महीने एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान से मिली बड़ी हार की याद अब भी ताजा है लेकिन आयुष उस बीते हुए दौर का असर वर्तमान पर डालने नहीं देना चाहते। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमारे लिए पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला भी बाकी मैचों जैसा ही है। हमारा पूरा फोकस सिर्फ अपनी तैयारी, रणनीति और उसे मैदान पर सही तरीके से लागू करने पर रहेगा। नतीजों के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है।
सुपर सिक्स के पहले मैच में जिम्बाब्वे को 204 रन से हराकर भारत ने शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत से टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया है। पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज करते ही भारतीय टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी इसलिए माहौल में भले ही रोमांच हो लेकिन भारतीय खेमे का एक ही लक्ष्य है कि शांत दिमाग से अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलते हुए अंतिम चार में जगह पक्की की जाए।