इस्लामाबादः पाकिस्तान ने आगामी टी20 विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम चयन के साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट में बहस तेज हो गई है। टीम मैनेजमेंट ने इस बार अनुभव से ज्यादा युवाओं को तरजीह दी है। इसी वजह से मोहम्मद रिजवान और हारिस रऊफ जैसे सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर रखा गया है। लेकिन खराब फॉर्म से जूझ रहे बाबर आजम को टीम में शामिल किए जाने पर सवाल उठने लगे हैं।
हाल ही में बिग बैश लीग में बाबर आजम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। वह न सिर्फ रन बनाने में नाकाम रहे, बल्कि सबसे धीमी स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में भी शामिल हो गए थे। इसके बावजूद टी20 वर्ल्ड कप टीम में उनकी जगह बनाए रखने को लेकर सोशल मीडिया और क्रिकेट हलकों में आलोचना शुरू हो गई।
इन तमाम सवालों के बीच पाकिस्तान के हेड कोच माइक हेसन ने बाबर आजम के चयन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। कोच के मुताबिक, बाबर को इस बार ओपनर के तौर पर नहीं, बल्कि मिडिल ऑर्डर में एक एंकर की भूमिका निभाने के लिए चुना गया है।
माइक हेसन ने साफ कहा कि पावरप्ले में तेज रन बनाने की जिम्मेदारी बाबर को नहीं दी जाएगी। पाकिस्तान टीम को ओपनिंग में आक्रामक बल्लेबाजों की जरूरत है, जबकि बाबर मिडिल ओवर्स में एक छोर संभालकर स्ट्राइक रोटेट करने में ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं। उनका काम बड़े शॉट्स खेलने वाले बल्लेबाजों को स्ट्राइक देना और लक्ष्य का पीछा करते समय पारी को संभालना होगा।
कोच ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया की पिचों और परिस्थितियों में बाबर की भूमिका अलग हो सकती थी, लेकिन विश्व कप श्रीलंका में खेला जाना है, जहां की पिचें स्पिन और कंट्रोल्ड बल्लेबाजी के लिए ज्यादा अनुकूल मानी जाती हैं। इन्हीं हालात को ध्यान में रखते हुए बाबर को टीम में जगह दी गई है।
मोहम्मद रिजवान को टीम से बाहर रखने पर भी माइक हेसन ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट को ऐसे विकेटकीपर-बल्लेबाज की तलाश थी, जो पांच या छह नंबर पर बल्लेबाजी कर सके। रिजवान आमतौर पर टॉप ऑर्डर में खेलते हैं, इसलिए टीम की जरूरतों के मुताबिक वह फिट नहीं बैठ रहे थे।
पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट के इस फैसले के बाद अब सबकी नजरें टी20 विश्व कप में बाबर आजम की भूमिका और प्रदर्शन पर टिकी होंगी।