इस साल भारत बनाम पाकिस्तान के एक और राउंड की उम्मीद है क्योंकि ये चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमें खेल के सबसे स्टेज में से एक एशियन गेम्स में फिर से मिल सकते हैं। भारत सितंबर-अक्टूबर में आइची-नागोया में अपनी पूरी ताकत वाली पुरुष और महिला टीमें भेजने वाला है और टूर्नामेंट T20 फॉर्मेट में कन्फर्म हो गया है। सिर्फ 6 दिनों पहले कोलंबो में टी-20 वर्ल्ड कप में मिली जीत के बाद भारत और पाकिस्तान मुकाबले के बीच का अंतर 14-4 का हो चुका है और कप्तान सूर्यकुमार यादव इसे कड़ी टक्कर के तौर पर नहीं देखते। मगर दोनों टीमों के बीच मैच का एक बड़ा कमर्शियल वैल्यु है इससे इनकार नहीं किया जा सकता। सितंबर-अक्टूबर में भारत और पाकिस्तान के बीच एशियाई खेलों में एक ऐसी ही टक्कर की उम्मीद की जा रही है।
बेस्ट भारतीय टीम
सात महीने बाद जापान के आइचि- नागोया शहरों में होने वाले 20 में एशियाई खेलों के दौरान एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की टीम टकरा सकती हैं। ऐसे में भारत सितंबर-अक्टूबर में आइची-नागोया में अपनी बेस्ट पुरुष और महिला टीमों को भेजने की योजना बना रहा है।
2026 के एशियाई खेलों में क्रिकेट सिर्फ चौथी बार दिखाई देगा
ओलंपिक में सबसे पहले क्रिकेट को साल 1900 के पैरिस गेम्स में शामिल होने का मौका मिला, लेकिन एशियाड में इसे 2010 के गुआँगझोऊ एशियाड में एंट्री मिल पाई। फिर कोरिया के इंचियोन 2014 में भी क्रिकेट को इन गेम्स में जगह मिली। जकार्ता के 2018 एशियाई खेलों से बाहर होने और कोविड के बाद, क्रिकेट हांगझोउ 2023 में फिर से दिखाई दिया, इस बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ( ICC) से पूर्ण अंतरराष्ट्रीय मान्यता के साथ।
डिफेंडिंग चैंपियन भारत
अब तक के प्रत्येक संस्करण में अलग-अलग पुरुष और महिला टी-20 प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं. भारत हांगझोउ 2023 में पुरुष और महिला दोनों प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने के बाद एशियाड में भी मजबूत डिपेंडेंट चैंपियन के तौर पर उतरेगा। पिछले एशियाड में अफगानिस्तान ने पुरुष टूर्नामेंट में रजत पदक जीता, श्रीलंका ने महिला टूर्नामेंट में, जबकि बांग्लादेश ने दोनों श्रेणियों में कांस्य पदक जीते थे।
एशियाड में एक लेवल की कई टीमें
यानी एशियाड में भी भारत के अलावा पाकिस्तान अफगानिस्तान, श्रीलंका और अब नेपाल जैसी टीमें भी कड़ी टक्कर देकर प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाती नजर आएंगी। इससे पहले, बांग्लादेश (पुरुष) और पाकिस्तान (महिला) ने गुआँगझोऊ 2010 में पोडियम पर कब्जा किया था। जबकि, श्रीलंका (पुरुष) और पाकिस्तान (महिला) ने इंचियोन 2014 में स्वर्ण पदक जीता था।
इसमें कोई दो राय नहीं कि अगर भारत-पाकिस्तान का मैच एशियाड में होता है तो यह सबसे ज्यादा चर्चित मुकाबले के तौर पर देखा जाएगा। दोनों टीमों के बीच मैच को लेकर हो-हंगामा के अलावा इसके कमर्शियल फायदे सभी स्टेकहोल्डर्स की दिलचस्पी बढ़ाते हैं।
वर्ल्ड चैंपियन भारतीय महिला टीम भी लेगी हिस्सा
जापान की अपनी एक क्रिकेट टीम भी है जिसमें कई भारतीय मूल के खिलाड़ी खेलते हैं। जापान में रहने वाली अच्छी खासी भारतीय जनता इसे लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। सभी टीमों के लिए जापान की परिस्थितियों में खुद को ढालना एक अलग चुनौती जरूर होगी।
क्रिकेट के टी-20 फार्मेंट ने इसे ओलंपिक खेलों का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। टी-20 फॉर्मेट की वजह से मल्टी-स्पोर्टिंग खेलों का हिस्सा बनने में इसे आसानी हो रही है। यही वजह है कि पेरिस में हुए 1900 के ओलंपिक गेम्स के बाद 128 साल बाद यह लॉस एंजेल्स ओलंपिक गेम्स का हिस्सा बन सका है। अब इसे एशियाड और संभवत कॉमनवेल्थ गेम्स में भी बार-बार देखा जा सकेगा।