नई दिल्ली: बीसीसीआई ने शनिवार को भारत में ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन के लिए एक संरचित समर्थन ढांचा घोषित किया। इसमें अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के अवसर, होम सीरीज में सहायता और स्टेडियम तक पहुंच शामिल है। यह कदम खेल में समावेशी विकास के प्रति बीसीसीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पिछले दशक में भारत के दृष्टिहीन क्रिकेटरों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार सफलता हासिल की है। पुरुषों की कई विश्व कप जीत के साथ ही महिलाओं की ऐतिहासिक पहली विश्व कप जीत भी शामिल है। बीसीसीआई ने इन उपलब्धियों और दृष्टिहीन क्रिकेटरों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पुरुष और महिला टीमों दोनों के लिए समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के अध्यक्ष मिथुन मनहास ने कहा कि भारत के दृष्टिहीन क्रिकेटरों की उपलब्धियां क्रिकेट परिवार के लिए गर्व का कारण हैं। इस समर्थन ढांचे के माध्यम से बीसीसीआई खिलाड़ियों के लिए अवसर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को मजबूत करना चाहता है। समावेशी विकास खेल के विज़न का मुख्य हिस्सा है।
इस पहल के तहत बीसीसीआई तीन मुख्य क्षेत्रों में मदद करेगा:
अंतरराष्ट्रीय अनुभव – पुरुष और महिला टीमों के लिए हर साल दो विदेशी टूर्नामेंट में यात्रा सहायता।
होम सीरीज समर्थन – भारत में द्विपक्षीय श्रृंखलाओं के दौरान होम और विजिटिंग टीमों के लिए आवास सुविधा।
स्टेडियम और मैदान की पहुंच – घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए बीसीसीआई से जुड़े स्टेडियम और मैदानों का उपयोग, ताकि खेल की गुणवत्ता और पेशेवर माहौल सुनिश्चित हो।
बीसीसीआई ने कहा कि वह सीएबीआई के साथ मिलकर इन उपायों को लागू करने और भारत में दृष्टिहीन क्रिकेटरों के अवसर बढ़ाने के लिए काम करने के लिए उत्सुक है।