नई दिल्ली: सफेद गेंद हो या लाल, क्रिकेट का यह पुराना टेम्पलेट एक बार फिर चर्चा में है। आईसीसी टी20 विश्व कप में आज होने वाले मुकाबले की तैयारी में दोनों टीमें इसी रणनीति पर काम करती दिखीं। भारतीय नेट्स में जहां वॉशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती के खिलाफ तिलक, रिंकू और ईशान जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज अभ्यास करते नजर आए, वहीं दक्षिण अफ्रीका के नेट्स में क्विंटन डी कॉक और डेविड मिलर के सामने एडेन मार्करम और ट्रिस्टन स्टब्स ने ऑफ स्पिन की जिम्मेदारी संभाली।
मार्करम मुख्य रूप से ओपनिंग बल्लेबाज हैं लेकिन मैच में जरूरत पड़ने पर ऑफ स्पिन भी करते हैं। स्टब्स पूरी तरह पार्ट टाइमर हैं। आधुनिक टी20 में मैच अप बड़ी अहम चीज बन चुका है। अभिषेक शर्मा लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए हों या नहीं लेकिन ऑफ स्पिन के खिलाफ भारतीय टॉप ऑर्डर कई बार डॉट गेंदों में उलझा है और स्ट्राइक रेट में गिरावट आई है।
नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरासमस, नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त या पाकिस्तान के सैम अयूब जैसे गेंदबाजों ने भी ऑफ स्पिन से भारत को रोका है। पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने भी पहले ओवर में ऑफ स्पिन से अभिषेक को आउट किया था। दक्षिण अफ्रीका की समस्या यह है कि टीम में केशव महाराज और जॉर्ज लिंडे जैसे स्पिनर तो हैं लेकिन दोनों ही बाएं हाथ के स्पिनर हैं। उन्हें जरूरत है दाएं हाथ के फिंगर स्पिनर की इसलिए मार्करम और स्टब्स जैसे पार्ट टाइमरों पर निर्भरता बढ़ सकती है।
आज पावर प्ले में फिर से अभिषेक शर्मा को ऑफ स्पिन की परीक्षा देनी पड़ सकती है। कोच गौतम गंभीर ने उन्हें सलाह दी है कि शुरुआत में सीधे बल्ले से खेलें और बेवजह बड़े शॉट खेलने की कोशिश न करें। नेट्स में उन्होंने यह अभ्यास किया है लेकिन मैच में क्या होगा यह समय बताएगा। सूर्यकुमार यादव की टीम में पहले छह बल्लेबाजों में चार बाएं हाथ के हैं। इससे संतुलन पर सवाल उठता है। ऑफ स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 6.23 रहा है, जो खास प्रभावी नहीं कहा जा सकता। हालांकि चार मैचों में इसका बड़ा असर नहीं पड़ा क्योंकि ईशान, सूर्य और शिवम ने जिम्मेदारी संभाली है।
अहमदाबाद में भारत के पास आठवें नंबर तक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज हैं। अगर कोई एक बल्लेबाज 30 गेंद खेल जाए तो स्कोर 180 के पार जा सकता है। अब तक पावर प्ले में भारत को तेज शुरुआत नहीं मिली है। अभिषेक अगर चल गए तो 7 से 15 ओवर के बीच मिडिल ऑर्डर पर दबाव कम हो जाएगा। आखिरी पांच ओवरों में रिंकू, शिवम और अक्षर तेज रन बना सकते हैं लेकिन इसके लिए हाथ में विकेट होना जरूरी है। 120 पर चार विकेट और 120 पर छह विकेट में बड़ा अंतर होता है।
कुछ महीने पहले दक्षिण अफ्रीका ने भारत में टेस्ट सीरीज जीती थी लेकिन टी20 सीरीज 1-3 से हार गई थी। इस विश्व कप में दोनों टीमें अब तक अपराजित हैं। संयोजन के लिहाज से भारत वॉशिंगटन की जगह अक्षर पटेल को ला सकता है। बड़ा सवाल यह है कि क्या अर्शदीप को बाहर बैठाकर कुलदीप को खिलाया जाएगा। अहमदाबाद की काली मिट्टी की पिच पर गेंद हल्की रुक कर आ सकती है। ऐसे में वरुण, अक्षर और कुलदीप तीनों को साथ खिलाने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए सुपर आठ में तीन में से कम से कम दो मैच जीतना जरूरी है। आज पहला बड़ा इम्तिहान है।