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मुंबई में BJP ने ठाकरे का सियासी किला तोड़ा, पुणे में पवार गठबंधन को पछाड़ा

महायुति की धूम: 25 नगर निगमों में सत्ता, BJP अब मुंबई और पुणे की ताकत।

By श्वेता सिंह

Jan 17, 2026 00:48 IST

मुंबईः महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भाजपा ने जोरदार जीत दर्ज की। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भी उसने एनसीपी और एनसीपी (एसपी) गठबंधन को पीछे छोड़ दिया।

मुंबई में 227 सीटों में से BJP ने 87 सीटें जीतीं, सहयोगी शिवसेना को 27 सीटें मिलीं। वहीं, शिवसेना (UBT) को 64 सीटें और MNS को 6 सीटें मिलीं। कांग्रेस और उसके सहयोगी वंचित बहुजन अघाड़ी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा, उन्हें केवल 24 सीटों पर सफलता मिली।

पीएम मोदी ने जीत पर जताया धन्यवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा और NDA के विकास और जनकल्याण के एजेंडे को समर्थन दिया।

मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "धन्यवाद महाराष्ट्र! राज्य की सक्रिय जनता ने एनडीए के जनहित और अच्छे शासन के एजेंडे को आशीर्वाद दिया।"

पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भी भाजपा का दबदबा

पुणे में भाजपा ने 96 सीटें जीतकर एनसीपी गठबंधन को पीछे छोड़ दिया। NCP 20 और NCP (SP) केवल 3 सीटों पर सिमट गई। पिंपरी-चिंचवाड़ में BJP ने 84 सीटें जीतीं, जबकि NCP 37 और NCP (SP) कोई भी सीट नहीं जीत सकी।

कांग्रेस और MNS का शहरी क्षेत्र में कमजोर प्रदर्शन

शहरी इलाकों में कांग्रेस और MNS की पकड़ कमजोर रही। BMC चुनाव में कांग्रेस ने 10% से भी कम सीटें हासिल कीं। वहीं, AIMIM ने मुस्लिम बहुल इलाकों में लगभग 100 सीटों पर जीत दर्ज की और अपने प्रदर्शन को मजबूत किया।

BJP की रणनीति और फडणवीस की भूमिका

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना मिलकर शहरों में गरीब और मध्यम वर्ग के लिए विकास को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुत्व और विकास दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का प्रदर्शन भी अच्छा रहा, जिससे BJP को सत्ता संभालने में मदद मिली।

महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव का संकेत

भाजपा की जीत ने मुंबई की पारंपरिक राजनीति में बदलाव का संदेश दिया। वर्षों तक BMC ठाकरे नेतृत्व वाली शिवसेना का अजेय किला मानी जाती थी। अब शहरी राजनीति में पहचान आधारित मराठी अस्मिता से हटकर विकास और शहरी बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता मिलने लगी है।

अन्य शहरों में भी भाजपा का दबदबा

नागपुर में BJP ने 102 सीटें जीतकर प्रमुख स्थिति बनाई, जबकि कांग्रेस 34 सीटों तक सिमटी।

लातूर में कांग्रेस ने 43 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत बनाया, BJP केवल 22 सीटों पर रही।

स्वतंत्र उम्मीदवारों ने 29 नगर निगमों में 19 सीटों पर जीत हासिल की, जिनमें 9 मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में हैं।

AIMIM की बढ़ती पकड़

AIMIM ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाई। पार्टी के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने कहा कि पार्टी पूरे राज्य में लगभग 100 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

भाजपा की बड़ी जीत ने महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर बदल दी है। शहरी राजनीति अब विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित हो रही है, जबकि पारंपरिक पहचान आधारित राजनीति और पुराने गठबंधनों की ताकत कमजोर पड़ती दिख रही है।

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