थिम्पूः भूटान में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अडानी ग्रुप ने भूटान में 570 मेगावाट क्षमता वाली वांगछू जलविद्युत परियोजना का आधिकारिक रूप से काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना की आधारशिला भूटान के प्रधानमंत्री दाशो त्शेरिंग तोबगे और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की मौजूदगी में रखी गई।
इस परियोजना में भूटान की सरकारी कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन (DGPC) की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अडानी ग्रुप के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। यह परियोजना उस समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत शुरू की गई है, जिस पर मई 2025 में दोनों पक्षों ने भूटान में संयुक्त रूप से 5,000 मेगावाट जलविद्युत परियोजनाएं विकसित करने के लिए हस्ताक्षर किए थे।
वांगछू जलविद्युत परियोजना पर करीब 60 अरब रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके साथ बिजली उत्पादन से जुड़ा जरूरी ढांचा भी तैयार किया जाएगा। परियोजना के शुरू होने के बाद इसे पांच साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह परियोजना भारत और भूटान के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करेगी। उन्होंने इस अवसर पर भूटान के प्रधानमंत्री की मौजूदगी के लिए आभार जताया और कहा कि दोनों देशों की यह साझेदारी स्थिरता, भरोसे और लंबे समय के विकास पर आधारित है।
गौतम अडानी ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की दूरदर्शी सोच की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी जैसी पहल भूटान की सतत और संतुलित विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गौतम अडानी इस परियोजना के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। वांगछू परियोजना को भूटान की हरित ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ भारत–भूटान संबंधों को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।