इस्लामाबाद : पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेल रहे दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज राइली रूसो ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को लेकर एक विवादित बयान देकर क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में रूसो ने IPL की तुलना बॉलीवुड फिल्मों से करते हुए कहा कि इस लीग में क्रिकेट से ज्यादा मनोरंजन और चमक-दमक पर जोर दिया जाता है।
रूसो के मुताबिक IPL भले ही एक बड़ा टूर्नामेंट हो लेकिन प्रतिस्पर्धा के मामले में PSL ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि PSL छोटा और सीमित समय का टूर्नामेंट है, जहां मुकाबले ज्यादा कड़े होते हैं जबकि IPL में ग्लैमर का प्रभाव ज्यादा दिखाई देता है।
उनके इस बयान के बाद क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोग उनके बयान से सहमत नहीं हैं जबकि कुछ इसे अलग नजरिए के तौर पर देख रहे हैं।
इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के नियमों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पहले सरफराज अहमद और वहाब रियाज़ को क्वेटा ग्लैडिएटर्स के साथ काम करने की अनुमति नहीं दी गई थी क्योंकि बोर्ड को हितों के टकराव का डर था। इस फैसले पर उस समय भी सवाल उठे थे।
हालांकि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक ने पेशावर जाल्मी के साथ अपने जुड़ाव का बचाव किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ता बनने से पहले ही टीम के साथ करार किया था और सीमित समय के लिए सलाहकार की भूमिका निभाते हैं।
मिस्बाह का मानना है कि खिलाड़ियों को करीब से देखने और उनके प्रदर्शन को समझने से चयनकर्ता के रूप में बेहतर फैसले लेने में मदद मिलती है।
रूसो के बयान और PCB के नियमों को लेकर उठे सवालों के बीच क्रिकेट जगत में बहस और भी तेज हो गई है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।