संभल: संभल ज़िले के रैसत्ती थाना क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया, जिसमें अवैध बिजली कनेक्शनों का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि कई जगहों पर एक ही अवैध स्रोत से दर्जनों घरों को बिजली सप्लाई की जा रही थी। संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि बिजली चोरी की जांच के लिए सात टीमें गठित कर समन्वित कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान बड़े स्तर पर अवैध कनेक्शन पाए गए। कुछ स्थानों पर तो 50–60 घर एक ही स्रोत से बिजली ले रहे थे, जहां एक तरह का मिनी पावर स्टेशन ही बना दिया गया था।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार डीएम पेंसिया ने एएनआई से कहा कि रैसत्ती थाना क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया गया, जिसके लिए सात टीमें बनाई गईं। बड़े पैमाने पर चोरी पकड़ी गई। एक-दो जगहों पर 50–60 घर एक ही स्रोत से बिजली ले रहे थे। वहां एक मिनी पावर स्टेशन स्थापित किया गया था। जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने पूरा अंडरग्राउंड सिस्टम बना रखा था। मिले सबूतों के आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा और आगे भी एफआईआर दर्ज की जाएंगी।
इससे पहले रविवार को प्रशासन ने सलेमपुर क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान भी चलाया था। डीएम राजेंद्र पेंसिया ने एएनआई को बताया कि यह अतिक्रमण करीब 20–25 साल पहले किया गया था और मदरसे के नाम पर व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां अतिक्रमण है, वहां पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी। अब सभी की पहचान कर धारा 67 के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अतिक्रमण हटाया जा रहा है। यहां मदरसे के नाम पर कई दुकानें बनाई गई थीं और उनसे किराया भी वसूला जा रहा था। हमने 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और हटाने की पूरी लागत भी वसूल की जाएगी।