चण्डीगढ़: ले हल्का बुखार, पेट दर्द और उल्टी। उसके बाद अचानक लिवर फेल। एक के बाद एक बच्चे मौत की गोद में समा रहे हैं। पिछले तीन हफ्तों में ऐसी एक अज्ञात बीमारी से कम से कम 7 लोगों की जान जा चुकी है। इन रहस्यमयी मौतों से हरियाणा के पलवल जिले का छायसा गांव पूरी तरह दहशत में है। गांववासी बुरी तरह भयभीत हैं।
क्या हैं लक्षण?
शुरुआत में मरीजों को हल्का बुखार और तेज पेट दर्द होता है। इसके बाद लगातार उल्टियां शुरू हो जाती हैं और कुछ मामलों में दौरे भी पड़ते हैं। अस्पताल में भर्ती करने के कुछ ही समय बाद डॉक्टर बताते हैं कि मरीज का लिवर काम करना बंद कर चुका है।
मौत की वजह क्या है?
अब तक इन मौतों का सटीक कारण सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों को शक है कि दूषित पेयजल या झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा इस्तेमाल किए गए संक्रमित इंजेक्शन की वजह से यह बीमारी फैल रही है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से 3 से 4 लोगों में हेपेटाइटिस बी के संक्रमण के संकेत मिले हैं।
27 जनवरी से शुरू हुई इस घटनाक्रम में 5 साल के बच्चे से लेकर 60 साल की महिला तक की जान जा चुकी है। ज्यादातर मामलों में बीमारी के 24 से 48 घंटे के भीतर ही मौत हो रही है। गांव में पानी पीने तक से लोग डर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी के नमूने जांच के लिए भेजे है लेकिन रिपोर्ट कब आएगी यह साफ नहीं है। गांव वाले अब इस डरावने दौर के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।