भोपाल: विमान हादसे में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले की जांच को लेकर विवाद शुरू हो गया है। मंगलवार को उनकी पत्नी और महाराष्ट्र की वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सीबीआई जांच की मांग उठाई है। इसी दिन सरकारी बयान जारी कर बताया गया कि हादसे में गिरे विमान के ब्लैक बॉक्स के एक हिस्से कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से डेटा निकालने में दिक्कत आ रही है। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। माना जा रहा है कि विमान गिरने के बाद हुए विस्फोट और आग की वजह से ब्लैक बॉक्स को नुकसान पहुंचा। हालांकि डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से कुछ डेटा डाउनलोड कर लिया गया है।
28 जनवरी की सुबह एक किराए का छोटा विमान लियरजेट 45 से अजित पवार मुंबई से अपने निर्वाचन क्षेत्र बाराबनी जा रहे थे। विमान में उनके सुरक्षा कर्मी, दो पायलट और एक क्रू सदस्य मौजूद थे। बाराबनी के रनवे से कुछ पहले ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पांचों लोगों की मौत हो गई। हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो कर रहा है। इसी जांच को लेकर एनसीपी ने सवाल उठाए हैं। अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने जांच की रफ्तार पर सवाल उठाया था। अब जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सुनेत्रा पवार और पार्टी के अन्य नेताओं ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की, जहां सीबीआई जांच की मांग रखी गई।
केंद्र सरकार ने कहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच कर रहा है। बताया गया कि दुर्घटना के बाद दोनों रिकॉर्डर काफी समय तक आग और ऊंचे तापमान में रहे, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा। हालांकि सवाल उठ रहा है कि ब्लैक बॉक्स के अंदर सुरक्षित रहने वाले इन रिकॉर्डरों को इतना नुकसान कैसे हुआ। क्या हादसे के बाद ब्लैक बॉक्स टूट गया था या वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, इस पर अभी स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। केंद्र ने बताया कि डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर का डेटा दिल्ली स्थित लैब में डिकोड कर लिया गया है। समस्या कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के डेटा को लेकर है। इसके लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।