नई दिल्ली: ऑफिस से घर लौटना उसकी आखिरी यात्रा बन गई। बीच सड़क पर मौत घात लगाए बैठी थी। दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए 15 फुट गहरे असुरक्षित गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल धियानी की दर्दनाक मौत हो गई। गुरुवार सुबह उनका शव बरामद किया गया। घटना के बाद से राजधानी के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इस लापरवाही के चलते शुक्रवार को जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।
रातभर लापता, सुबह मिला शव
रोहिणी स्थित अपने ऑफिस से काम निपटाकर बुधवार रात कैलाशपुरी निवासी कमल घर के लिए निकले थे लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। फोन पर घंटी जाती रही लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। घबराया परिवार आधी रात को ही उनकी तलाश में निकल पड़ा। जनकपुरी, सागरपुर और विकासपुरी समेत कई थानों के चक्कर लगाए गए। रात 2:45 बजे जनकपुरी थाने में कमल की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस के साथ परिवार ने सुबह तक सड़कों पर तलाश जारी रखी। हेड कॉन्स्टेबल रामकेश के नेतृत्व में पुलिस ने इलाके में खोजबीन की लेकिन अंधेरे के कारण कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे एक राहगीर महिला ने पुलिस को सूचना दी कि सड़क किनारे एक बड़े गड्ढे में एक शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि गड्ढे के नीचे कमल की बाइक और उनका शव पड़ा हुआ था।
असुरक्षित मौत का कुआं
प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि रात के अंधेरे में गड्ढा न दिखने के कारण कमल बाइक समेत नीचे गिर गए। सवाल यह उठ रहा है कि इतनी व्यस्त सड़क पर 15 फुट गहरा गड्ढा खोदने के बावजूद न तो बैरिकेड लगाया गया था और न ही लाल बत्ती या चेतावनी संकेत। स्थानीय पार्षद और आम आदमी पार्टी के नेता रमिंदर कौर ने कहा कि घटनास्थल पर बेहद अंधेरा था। पिछले आठ महीनों से यहां काम चल रहा था लेकिन कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। पीडब्ल्यूडी और जल बोर्ड की घोर लापरवाही के कारण एक युवक की जान चली गई। कमल के परिवार ने इसे सिर्फ हादसा मानने से इनकार किया है और किसी साजिश की आशंका भी जताई है। हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद इसे दुर्घटना बताया है।
राजनीति गरमाई
घटना के बाद राजधानी की राजनीति भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नाकामी से एक मां की गोद उजड़ गई और व्यवस्था पहले ही दम तोड़ चुकी है। भारी दबाव के बीच दिल्ली जल बोर्ड ने आनन-फानन में तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जल बोर्ड ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और नागरिकों से अपील की है कि कहीं भी असुरक्षित गड्ढा दिखे तो उसकी सूचना जल बोर्ड को दें। कमल धियानी की मौत ने कई लोगों को पिछले महीने ग्रेटर नोएडा में युवराज मेहता की मौत की याद दिला दी है।