चेन्नई: जननायकन फिल्म पर रोक के बाद दक्षिण भारतीय अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय थलापति को एक और बड़ा झटका लगा है। कर चोरी से जुड़े मामले में अभिनेता द्वारा दायर रिट याचिका को मद्रास हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने 1.50 करोड़ रुपये के आयकर जुर्माने को बरकरार रखा। आयकर विभाग ने 2015-16 वित्त वर्ष में आय छिपाने के आरोप में विजय पर जुर्माना लगाया था। शुक्रवार को न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति ने कहा कि आयकर विभाग की ओर से नोटिस कानून के अनुसार और समय पर जारी किया गया था।
आय छिपाने के आरोप
आयकर विभाग ने सितंबर 2015 में विजय के घर पर छापा मारा था। विभाग का दावा है कि अभिनेता ने लगभग 15 करोड़ रुपये की आय छिपाई थी और कर दाखिल करते समय इसकी जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद 2018 में विजय पर जुर्माना लगाया गया। विजय ने 2022 में इस जुर्माने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। अभिनेता का तर्क था कि जुर्माना लगाने की समयसीमा समाप्त हो चुकी है।
अदालत का फैसला और टिप्पणियां
अदालत ने समयसीमा से जुड़े विजय के तर्क को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति ने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 263 के तहत ही नोटिस जारी किया गया था। अदालत को आयकर विभाग की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं मिली। न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि अब आयकर विभाग के लिए जुर्माने की राशि वसूलने में कोई बाधा नहीं है।
आईटीएटी में जाने का मौका
याचिका खारिज होने के बावजूद अदालत ने विजय को एक अवसर दिया है। उन्हें इनकम टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील करने की अनुमति दी गई है। वहां वह किसी अन्य आधार पर जुर्माने को चुनौती दे सकते हैं लेकिन समयसीमा से जुड़ा तर्क अब नहीं उठा सकेंगे। राजनीतिक करियर की शुरुआत से पहले अभिनेता-राजनेता विजय को यह एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।