कुवलय बंद्योपाध्याय
सुबह करीब 7 बजे लेफ्टिनेंट जनरल मार्क क्लार्क जीप से सैन्य अड्डे पर पहुंचे। वहीं कैप्टन डेविड लुडलैम ने उन्हें मौसम का पूर्वानुमान दिया। फ्रांस के ऊपर जमे बारिश के बादल छंट चुके थे। हमला शुरू करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था। तुरंत इस जानकारी को हाई कमांड तक फोन पर पहुंचाया गया। हाई कमांड से आशय था फील्ड मार्शल हैरोल्ड अलेक्जेंडर और लेफ्टिनेंट जनरल ओलिवर लीज। फैसला शायद पहले से ही तय था। उधर से केवल एक पंक्ति में आदेश आया— "ब्रैडमैन विल बी बैटिंग टुमॉरो।"
तारीख थी, 15 मार्च 1944। दूसरा विश्व युद्ध अपने चरम पर था। मित्र सेनाएं सिसिली पर कब्जा कर इटली की धरती में प्रवेश कर चुकी थीं। मोंटे कैसिनो में जनवरी से ही भीषण लड़ाई चल रही थी लेकिन जर्मन सेनापति फील्ड मार्शल अल्बर्ट केसेलरिंग द्वारा बनाई गई गुस्ताव लाइन को तोड़ना मित्र सेनाओं के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा था। इटली पर कब्जे की इस निर्णायक लड़ाई का कोडवर्ड रखा गया था डॉन ब्रैडमैन के नाम पर। यह द्वितीय विश्व युद्ध की दिशा बदलने वाली और सबसे रक्तरंजित लड़ाइयों में से एक थी। मोंटे कैसिनो की लड़ाई जीते बिना रोम पर कब्जा संभव नहीं था। उस समय ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन केवल एक स्टार नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट के सूर्य माने जाते थे। इटली तब क्रिकेट खेलने वाला देश नहीं था। इसके बावजूद इटली अभियान के कोडवर्ड में ब्रैडमैन का नाम रखने में कोई दिक्कत नहीं हुई। उसी इटली ने इस साल टी20 विश्व कप में सोमवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपना विश्व कप क्रिकेट डेब्यू किया।
उस दिन मैच के टिकट लगभग नहीं बिके। ईडन गार्डन्स की करीब 70 हजार सीटें लगभग खाली रहीं। टी20 विश्व कप का मुकाबला होने के बावजूद खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए भी कोई उत्सुक नजर नहीं थी। मुकाबला था स्कॉटलैंड और इटली के बीच। ईडन में इस तरह का मैच तय होने से कोलकाता और बंगाल के क्रिकेट प्रेमी स्वाभाविक रूप से निराश थे। सवाल यही था कि क्रिकेट से इटली का क्या संबंध? जिस देश ने पाओलो रोसी, फ्रांको बरेसी, रॉबर्टो बाज्जो, पाओलो मालदिनी, डेल पिएरो और जियानलुइजी बुफोन जैसे दिग्गज फुटबॉलरों को जन्म दिया, वह देश क्रिकेट खेलने आया है और वह भी सोमवार सुबह 11 बजे। हालांकि क्रिकेट की दुनिया में इटली का आगमन पूरी तरह अवांछित नहीं है। क्रिकेट इतिहासकारों के अनुसार, यदि इटली का संबंध न होता तो दुनिया को उसका सर्वकालिक महान बल्लेबाज सर डोनाल्ड जॉर्ज ब्रैडमैन नहीं मिलता।
क्रिकेट शोधकर्ता बर्नादेत महोनी और सिडनी क्रिकेट ग्राउंड ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रॉडनी कैवेलियर ने डॉन ब्रैडमैन की वंशावली पर शोध किया। ऑस्ट्रेलिया की श्वेत आबादी का बड़ा हिस्सा इंग्लैंड से आया था लेकिन यूरोप के अन्य देशों से भी लोग वहां पहुंचे थे। शोध में सामने आया कि ब्रैडमैन के पूर्वज इटली से जुड़े थे। 1807 में इटली के जेनोआ में इमानुएल सेबास्तियानो दानेरो का जन्म हुआ था। 19 वर्ष की उम्र में वह किस्मत आजमाने हॉलैंड जाना चाहते थे। जेनोआ बंदरगाह से एक जहाज हॉलैंड और दूसरा न्यू हॉलैंड के लिए रवाना हो रहा था। उस समय ऑस्ट्रेलिया को न्यू हॉलैंड कहा जाता था। गलती से दानेरो न्यू हॉलैंड जाने वाले जहाज पर चढ़ गए और ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए। ऑस्ट्रेलिया में दानेरो ने दो शादियां कीं और एक विवाहेतर संबंध भी रहा, जिससे एक संतान हुई। वही संतान आगे चलकर डॉन ब्रैडमैन की मां एमिली के पिता बने। इस तरह सर डॉन की रगों में इटली का खून भी शामिल है।
ब्रैडमैन कभी इटली नहीं गए लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ऑपरेशन डिकेंस का कोडवर्ड उनके नाम पर रखा गया। मोंटे कैसिनो की इस लड़ाई में भारतीय चौथी इन्फैंट्री डिवीजन और न्यूजीलैंड की 28वीं डिवीजन ने हिस्सा लिया था। भारत और न्यूजीलैंड दोनों देशों में ब्रैडमैन का नाम बेहद परिचित था। इस अभियान के सर्वोच्च कमांडर हैरोल्ड अलेक्जेंडर और ओलिवर लीज ब्रिटिश थे और ब्रैडमैन के बल्ले से सबसे ज्यादा परेशान होने वाले भी ब्रिटिश ही रहे हैं। इस तरह युद्ध का कोडवर्ड और रक्त संबंध, इन दो वजहों से इटली का नाम दुनिया के सबसे चर्चित क्रिकेटर के साथ हमेशा के लिए जुड़ गया इसलिए क्रिकेट की दुनिया में भले ही इटली नया हो लेकिन यह कहना गलत होगा कि क्रिकेट में इटली का कोई स्थान नहीं है।