नई दिल्लीः नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शुक्रवार को बताया कि वह 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच हुई गंभीर परिचालन बाधाओं से प्रभावित यात्रियों को मुआवज़ा दिलाने के लिए इंडिगो एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में है।
डीजीसीए की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इंडिगो ने पुष्टि की है कि इस अवधि के दौरान जिन उड़ानों को रद्द किया गया था, उनका पूरा रिफंड यात्रियों को उनके मूल भुगतान माध्यम से लौटा दिया गया है। यात्रियों को डीजीसीए के सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स सेक्शन 3, सीरीज़ M, पार्ट IV के तहत मुआवज़े का अधिकार है। यह नियम उड़ान रद्द होने, देरी होने या बोर्डिंग से इनकार किए जाने की स्थिति में यात्रियों को सुविधाएँ और मुआवज़ा देने का प्रावधान करता है।
जिन यात्रियों की उड़ान निर्धारित प्रस्थान समय से 24 घंटे के भीतर रद्द हुई थी, वे एयरलाइन द्वारा दिए गए एक विशेष लिंक के माध्यम से अतिरिक्त मुआवज़े का दावा भी कर सकते हैं। इसके अलावा इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त सहायता के रूप में “जेस्चर ऑफ केयर” की घोषणा की है। इसके तहत यात्रियों को 5,000 रुपये के दो ट्रैवल वाउचर दिए जा रहे हैं, जिनका कुल मूल्य 10,000 रुपये है। इनकी वैधता 12 महीने होगी।
यह सुविधा उन यात्रियों पर लागू होगी जिनकी उड़ानें संबंधित अवधि के दौरान रद्द हुई थीं या तीन घंटे से अधिक देरी हुई थी। यात्री इंडिगो की वेबसाइट पर दिए गए विशेष लिंक के माध्यम से अपनी पात्रता की जाँच कर सकते हैं और वाउचर के लिए अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं। पात्र उड़ानों की पूरी सूची भी ऑनलाइन उपलब्ध है। डीजीसीए ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे टिकट बुक करते समय अपनी संपर्क जानकारी सही-सही दर्ज करें ताकि समय पर उड़ान शेड्यूल में बदलाव और सहायता से जुड़ी जानकारी दी जा सके।