तेनजिंग नोर्गे ट्रेल : क्या रटी-रटाई जगहों से अलग आप कभी दार्जिलिंग के इस ऐतिहासिक रास्ते पर चले हैं?

क्या रटी-रटाई जगहों की सूची से हटकर कभी दार्जिलिंग घूमने की इच्छा नहीं होती? क्यों न इस बार कुछ ऐसा देखें जिसकी यादें जीवन भर मन में ताजा रहेगी।

By मेघा मंडल, Posted by: प्रियंका कानू

Nov 30, 2025 11:13 IST

बचपन से अब तक कितनी बार दार्जिलिंग जा चुके है शायद इसका तो कोई हिसाब ही नहीं होगा। मॉल रोड, महाकाल मंदिर, केवेंटर्स-ग्लेनरीज, हैपी वैली टी गार्डन, घूम मोनेस्ट्री सब कुछ जाना-पहचाना है। क्या इन जगहों की सूची से हटकर कभी दार्जिलिंग घूमने की इच्छा नहीं होती? क्यों न इस बार कुछ ऐसा देखें जिसकी यादें जीवन भर मन में ताजा रहेगी।

कुछ ऐसा अनुभव जो शायद दार्जिलिंग आने वाले बहुत पर्यटक ही कर पाते हैं। अगर आप भी इस रोमांच भरे सफर के तैयार हैं तो अपना बैगपैक निकाले और एक बार फिर से पकड़ ले उत्तर बंगाल जाने वाली ट्रेन या बस। मगर रुकिए...इस बार उत्तर बंगाल में फिर से दार्जिलिंग नहीं बल्कि एक नई राह पर एक नई कहानी बुनने चलते हैं।

अगर कुछ नया देखना चाहते हैं तो इस बार तेनजिंग नोर्गे ट्रेल पर चलें। यह दार्जिलिंग की सबसे पुरानी हाइकिंग रूट्स में से एक है जिसकी शुरुआत तेनजिंग नोर्गे शेरपा ने की थी।

दार्जिलिंग के चौरस्ता से थर्ड माइल तक का रास्ता ही तेनजिंग नोर्गे ट्रेल कहलाता है। यह रास्ता आपको दार्जिलिंग से रंगारून तक ले जाता है। यह ट्रेल करीब 10 किलोमीटर लंबा है जिसे पूरा करने में लगभग 3 घंटे का समय लग जाता है। तेनजिंग दार्जिलिंग के हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टिट्यूट में फील्ड डायरेक्टर के पद पर थे।

कहा जाता है कि वह इसी रास्ते से रोजाना आते-जाते थे। इस रास्ते पर ही इंस्टिट्यूट के छात्रों को भी फिजिकल ट्रेनिंग दी जाती थी।

करीब 40 साल पहले तेनजिंग ने इस रास्ते को खोजा था और इसे नियमित रूप से इस्तेमाल भी करते थे। ट्रेक की शुरुआत चौरसता से हो जाती है। पहले 6 किलोमीटर ढलान पर नीचे उतरना होता है जहां रास्ते में रूंगडुंग नदी पड़ती है।

पूरा रास्ता चाय बागानों और घने जंगलों से ढका हुआ है। लेकिन इस हरियाली के बीच पहाड़ी नदी की कलकल करती आवाज मानों दिल में सुकून जगाती है। इसके बाद 4 किलोमीटर चढ़ाई करनी पड़ती है। हां, यह रास्ता थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है लेकिन जो शांति और दिल को राहत यहां मिलती है उसके लिए यह मेहनत तो की ही जा सकती है।

रोंगरून

रोंगरून दार्जिलिंग का मौजूद एक बेहद खूबसूरत गांव है। मुख्य शहर से इसकी दूरी लगभग 16 किलोमीटर है। हरी-भरी पहाड़ियों और जंगलों से घिरा रोंगरून से कंचनजंगा की बर्फिली चोटी साफ दिखाई देती है।

आप अगर इस गांव तक आते हैं तो यहां से दार्जिलिंग शहर और सिक्किम की पहाड़ियों को देखना न भूलें। यह नजारा आपके दिल को छू जाएगा। दार्जिलिंग की भीड़-भाड़ से दूर अगर किसी शांत जगह पर कुछ पल खुद के साथ या अपनों के साथ समय बिताना चाहते हैं तो इससे अच्छी जगह और कुछ नहीं हो सकता है। आप चाहे तो यहां रोमांचक गतिविधियां जैसे रॉक क्लाइम्बिंग, माउंटेन बाइकिंग, रिवरसाइड कैंपिंग आदि भी कर सकते हैं। है न 2 - इन - 1 मौका।

अगर यहां 1 या 2 दिन रुकने का मन बन जाए तो उसकी व्यवस्था भी है। गांव में लगभग 20 होमस्टे हैं, जहां पर्यटकों का तहे दिल से स्वागत किया जाता है। शॉपिंग करना चाहे तो रोंगरून ट्रेकर्स हाट भी है। इस ऑफबीट ट्रेक को चुनकर आप दार्जिलिंग को एक अलग तरह से ही अनुभव कर सकते हैं, जिसकी यादों को आप दिल में हमेशा के लिए सहेज कर जरूर रखना चाहेंगे।

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