कोलकाता: जाने-माने फिल्म निर्माता शुवेंदु घोष द्वारा निर्देशित बहुप्रतीक्षित फीचर फिल्म “सच की खोज” की एक विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन आईलीड ऑडिटोरियम में सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर छात्रों, फिल्म प्रेमियों तथा फिल्म की क्रिएटिव टीम के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सच की खोज केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि परिवार, रिश्तों, नैतिक मूल्यों और प्रतिबद्धता पर आधारित एक भावनात्मक और विचारोत्तेजक सिनेमा अनुभव है। फिल्म में अनुभवी अभिनेता प्रदीप चोपड़ा ने एक सशक्त और मार्मिक अभिनय प्रस्तुत किया है, वहीं पूरी कास्ट ने अपने-अपने किरदारों में ईमानदारी और गहराई से जान फूंकी है।
प्रदीप चोपड़ा दशकों से अपनी प्रभावशाली भूमिकाओं के माध्यम से दर्शकों को प्रेरित करते आए हैं। बिफोर यू डाई में काव्या के पिता और कुसुम का ब्याह में कुसुम के दादा जैसे यादगार किरदारों के बाद, वे सच की खोज में एक 75 वर्षीय आम आदमी की भूमिका में नज़र आते हैं—एक ऐसा चरित्र, जो उसकी आंतरिक दुनिया, जीवन मूल्यों और भावनात्मक संघर्षों को उजागर करता है।
फिल्म इस विचार को मजबूती से प्रस्तुत करती है कि सच में देरी हो सकती है, लेकिन उसे कभी मिटाया नहीं जा सकता। यह दर्शाती है कि जब एक व्यक्ति भी सच की तलाश करने का साहस करता है, तो बदलाव संभव हो जाता है।
फिल्म में प्रदीप चोपड़ा, श्रीजी मुखर्जी, झिलमी मुखर्जी, सौर्य मद्राजी, पिनाकी बोस, बसंत शर्मा, हेमंती गांगुली, मधुमिता पॉल, बिजय भट्टाचार्य, अर्घ्य बनर्जी, निशा हाल्दर, रूपन दासगुप्ता, जॉय मंडल, सायंतन रॉय, अंगसुप्रभा चक्रवर्ती, बप्पादित्य बंद्योपाध्याय, टाइटस चक्रवर्ती, सम्पूर्णा रॉयचौधरी, समीर कुमार चरित, राहुल चावला, वसीम अकरम, मनीष शिला, जगदीश भार्गव, ओमप्रकाश नायक, बिनय राउत, बिपिन कुमार पांडे, सुभ्रो मुखर्जी, तथा बाल कलाकार कर्णिका मित्रा और अक्षत चोपड़ा प्रमुख भूमिकाओं में हैं। सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से उल्लेखनीय प्रामाणिकता और प्रभाव पैदा किया है।
फिल्म के बारे में बात करते हुए अभिनेता एवं निर्माता प्रदीप चोपड़ा ने कहा, “सच की खोज मेरे दिल के बहुत करीब है। एक अभिनेता और निर्माता के रूप में मेरा मानना है कि सिनेमा में समाज से सवाल पूछने और ज़मीर जगाने की ताकत होती है। यह फिल्म सिर्फ़ एक कहानी नहीं, बल्कि उस सच्चाई की झलक है जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। पूरी टीम के साथ काम करना एक रचनात्मक रूप से संतोषजनक अनुभव रहा है, और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसके संदेश से गहराई से जुड़ेंगे।”
वहीं निर्देशक सुवेंदु घोष ने कहा, “सच की खोज हमारे समाज का आईना है। यह असहज लेकिन जरूरी सवाल पूछती है और हमें याद दिलाती है कि सच्चाई हमेशा आसान नहीं होती, लेकिन हमेशा आवश्यक होती है। यह फिल्म उन सभी के लिए है जो मानते हैं कि एक ईमानदार आवाज़ भी बदलाव ला सकती है।”
बहुप्रतीक्षित फिल्म सच की खोज 9 जनवरी 2026 को देशभर के 150 सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, जहां यह दर्शकों को सच्चाई की तलाश में एक गहन और विचारोत्तेजक सिनेमा यात्रा पर ले जाएगी।
फिल्म का निर्माण एक अनुभवी सीनियर क्रू द्वारा किया गया है। कहानी व निर्देशन: शुवेंदु घोष, स्क्रीनप्ले: सायंतन रॉय, सिनेमैटोग्राफी: अरबिंदो घोष, आर्ट डायरेक्शन: उन्माद एवं प्रसेनजीत, एडिटिंग: राज सिंह सिद्धू, मेकअप एवं हेयर: एग्नेस एडलाइन डी’कोस्टा, कॉस्ट्यूम डिज़ाइन: पौलामी पांजा, डीआई कलर ग्रेडिंग: अभिषेक मेहता, साउंड इंजीनियरिंग: अजीत प्रसाद, ड्रोन ऑपरेशन: सनाउल्लाह मोल्ला ने किया है।
आईलीड फिल्म्स के बैनर तले निर्मित सच की खोज अपने सशक्त संदेश और मानवीय संवेदनाओं से भरपूर कहानी के माध्यम से दर्शकों से गहराई से जुड़ने का वादा करती है।